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Sirmour News: किसान भवन के पीछे जर्जर कमरों से हादसे का अंदेशा

Mon, 17 Aug 2026 11:45 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 11:45 PM IST
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Risk of accident due to dilapidated rooms behind Kisan Bhawan.
पांवटा साहिब किसान भवन के पीछे बनी दशकों पुराने जर्जर असुरक्षित घोषित चार कमरे। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट
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संस्थाएं असुरक्षित भवन को हटाने की कई बार कर चुकीं मांग
छत, दीवारें और खिड़कियां टूटीं, आसपास दिनभर रहती है लोगों की आवाजाही
एक दशक पहले भवन असुरक्षित घोषित, फिर भी नहीं हटाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। शहर के लघु सचिवालय और नगर परिषद खेल मैदान से सटी बेशकीमती जमीन पर दशकों पुराने जर्जर कमरे कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। किसान भवन के पीछे चार पुराने कमरों की हालत इतनी खराब है कि उनकी छत, दीवारें, खिड़कियां और अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। भवन को करीब एक दशक पहले असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक इसे हटाने की दिशा में कार्रवाई नहीं हो पाई है।
यमुना नदी के किनारे स्थित यह स्थान पांवटा साहिब के प्रमुख हिस्सों में शामिल है। आसपास लघु सचिवालय, नगर परिषद का खेल मैदान और कई सरकारी कार्यालय होने के कारण यहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में जर्जर भवन का खड़ा रहना सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर सवाल खड़े करता है।
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हाटी किसान संघ शिलाई के प्रधान कुंदन सिंह शास्त्री, रामभज चौहान, अतर सिंह, कुंदन सिंह, प्रवेश शर्मा, रघुवीर कपूर, बलदेव चौहान और सुरेंद्र चौहान ने बताया कि नगर परिषद खेल मैदान और लघु सचिवालय के साथ लगते दो मंजिला किसान भवन के पीछे चार जर्जर कमरे हैं। पहले ये कमरे किसानों और अन्य लोगों को किराये पर दिए जाते थे, लेकिन करीब एक दशक पहले इन्हें असुरक्षित घोषित कर दिया गया था।
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उन्होंने बताया कि इन कमरों के आगे दो मंजिला किसान भवन है, जिसमें किसानों के ठहरने के लिए कमरे और हॉल बनाए गए हैं। हालांकि, इस भवन की हालत भी ज्यादा बेहतर नहीं है। इसकी निचली मंजिल में तहसील कल्याण कार्यालय, कृषि विभाग और मृदा एवं संरक्षण विभाग के कार्यालय संचालित हो रहे हैं।
शास्त्री ने कहा कि किसान भवन के पीछे दशकों पुराना एक मंजिला भवन है। इसमें चार कमरे हैं। इनकी छत, दीवारें और खिड़कियां टूट चुकी हैं और भवन कभी भी गिर सकता है। यमुना नदी के किनारे दर्शनीय स्थल पर स्थित इस जमीन की कीमत करोड़ों में है। इसलिए असुरक्षित भवन को जल्द गिराया जाना चाहिए। भवन को हटाकर जमीन को समतल करने से फिलहाल कर्मचारियों के लिए बेहतर पार्किंग स्थल बनाया जा सकता है। बाद में यहां किसानों के लिए बेहतर भवन तैयार किया जाए। समाजसेवी नाथू राम चौहान ने कहा कि लघु सचिवालय के पास जर्जर कमरों की ओर नेताओं, प्रशासन और किसान संगठनों का ध्यान नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय रहते ठोस कदम उठाकर किसी अनहोनी को टाला जाना चाहिए।

मामला संज्ञान में : भारद्वाज
तहसीलदार पांवटा साहिब मस्तराम भारद्वाज ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से चर्चा की जाएगी। असुरक्षित भवन को गिराने की अनुमति के लिए उच्चाधिकारियों को फाइल भेजी जाएगी।
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