{"_id":"630675e6b174521f655cf2a3","slug":"renuka-bandh-jansangarsh-samiti-welcome-the-decision-of-supreme-court-about-sit-nahan-news-sml4194063134","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसआईटी गठित करने पर उच्च न्यायालय के फैसले का किया स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसआईटी गठित करने पर उच्च न्यायालय के फैसले का किया स्वागत
विज्ञापन
ददाहू (सिरमौर)। रेणुका बांध जनसंघर्ष समिति ने एसआईटी गठित करने के लिए प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। साथ ही इस मामले में उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग की है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष योगेंद्र कपिला ने बताया कि वह एसआईटी गठित करने के लिए प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों का स्वागत करते हैं। साथ ही एसआईटी को अपना पूर्ण सहयोग भी प्रदान करेंगे ताकि विस्थापितों के साथ हुए घोटालों को उजागर किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि रेणुका बांध परियोजना से जुड़े एक मामले में प्रदेश उच्च न्यायालय ने अपने मुवक्किल से धोखाधड़ी करने के आरोप में एक अधिवक्ता के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के साथ ही एसआईटी गठित करने के एसपी सिरमौर को आदेश जारी किए हैं। साथ ही रेणुका थाने में मामले से संबंधित प्राथमिकी दर्ज करने को भी कहा गया है, जिससे साक्ष्यों को जुटा कर इस मामले में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
योगेंद्र कपिला ने बताया कि रेणुका बांध जनसंघर्ष समिति पिछले करीब एक दशक से ही अपने हकों की लड़ाई लड़ती आ रही है। यहां तकि विस्थापितों की मांगों को अनसुना किए जाने के साथ ही उनको मिलने वाले मुआवजे में भी धोखाधड़ी करके उनको ठगा जा रहा है। ऐसे गंभीर मामलों में सम्मिलित पाए जाने वाले प्रभावशाली और रसूखदार लोगों को बख्शा न जाए, जो विस्थापन का दंश झेल रहे विस्थापितों की मुआवजा राशि पर अपनी नजरें गड़ाकर उसे हड़प करने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विस्थापितों को मिले मुआवजा के पैसे से कुछेक लोग अधिवक्ता, बीमा कंपनियों के एजेंट व बिचौलिए आदि मोटी कमाई करके रातोंरात अमीर हो गए हैं। इस तरह के मामलों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि रेणुका बांध परियोजना से जुड़े एक मामले में प्रदेश उच्च न्यायालय ने अपने मुवक्किल से धोखाधड़ी करने के आरोप में एक अधिवक्ता के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के साथ ही एसआईटी गठित करने के एसपी सिरमौर को आदेश जारी किए हैं। साथ ही रेणुका थाने में मामले से संबंधित प्राथमिकी दर्ज करने को भी कहा गया है, जिससे साक्ष्यों को जुटा कर इस मामले में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
विज्ञापन
योगेंद्र कपिला ने बताया कि रेणुका बांध जनसंघर्ष समिति पिछले करीब एक दशक से ही अपने हकों की लड़ाई लड़ती आ रही है। यहां तकि विस्थापितों की मांगों को अनसुना किए जाने के साथ ही उनको मिलने वाले मुआवजे में भी धोखाधड़ी करके उनको ठगा जा रहा है। ऐसे गंभीर मामलों में सम्मिलित पाए जाने वाले प्रभावशाली और रसूखदार लोगों को बख्शा न जाए, जो विस्थापन का दंश झेल रहे विस्थापितों की मुआवजा राशि पर अपनी नजरें गड़ाकर उसे हड़प करने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विस्थापितों को मिले मुआवजा के पैसे से कुछेक लोग अधिवक्ता, बीमा कंपनियों के एजेंट व बिचौलिए आदि मोटी कमाई करके रातोंरात अमीर हो गए हैं। इस तरह के मामलों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।