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बागवानों को प्रुनिंग और बचाव के बताए तरीके
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नौहराधार के उलाना में बागवानों को सेब के बारे में जानकारी देते न्यूजीलैंड से आईं टीम के सदस्य। सं
- फोटो : NAHAN
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नौहराधार (सिरमौर)। बागवानों को पौधों की अच्छी देखभाल संबंधी जानकारी देने के लिए न्यूजीलैंड के विशेषज्ञों की टीम ने नौहराधार के उलाना गांव में दौरा किया। बागवानी विभाग के सौजन्य से इन विशेषज्ञों को बुलाया गया।
न्यूजीलैंड की टीम ने बागवानों को सेब में पनपने वाली बीमारियों और बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सेब की उच्च सघनता, प्लांट की प्रुनिंग और बचाव के बारे में बगीचे में जाकर बागवानों को बारीकी से जानकारी दी। बागवानों को बताया कि प्रदेश में अमेरिकन, इटली और न्यूजीलैंड के उच्च किस्म के सेब के पौधे लगाए जा रहे हैं। उससे कैसे अच्छी फसल ली जा सकती है। इन पौधों को कैसे तैयार करना है और यह पौधे ज्यादा फल कैसे देंगे। उन्होंने पौधों की टहनी में अंतर करना भी सिखाया कि कौन की शाखा रखनी है। इन तरह की जानकारियां पाकर बागवान भी काफी खुश दिखे।
इस दौरान बागवानी विकास अधिकारी राजगढ़ श्यामानंद ने बागवानों को टीम की ओर से दी गई जानकारी को हिंदी में अनुवाद करके बताया। विशेषज्ञों की टीम में न्यूजीलैंड के डेविड मेक्निलोह, जेक हीउज, मिल जोन्स टन शामिल रहे। इस दौरान संगड़ाह ब्लॉक की फेसिलिटेटर नितेश और हितेश भी मौजूद रहे।
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न्यूजीलैंड की टीम ने बागवानों को सेब में पनपने वाली बीमारियों और बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सेब की उच्च सघनता, प्लांट की प्रुनिंग और बचाव के बारे में बगीचे में जाकर बागवानों को बारीकी से जानकारी दी। बागवानों को बताया कि प्रदेश में अमेरिकन, इटली और न्यूजीलैंड के उच्च किस्म के सेब के पौधे लगाए जा रहे हैं। उससे कैसे अच्छी फसल ली जा सकती है। इन पौधों को कैसे तैयार करना है और यह पौधे ज्यादा फल कैसे देंगे। उन्होंने पौधों की टहनी में अंतर करना भी सिखाया कि कौन की शाखा रखनी है। इन तरह की जानकारियां पाकर बागवान भी काफी खुश दिखे।
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इस दौरान बागवानी विकास अधिकारी राजगढ़ श्यामानंद ने बागवानों को टीम की ओर से दी गई जानकारी को हिंदी में अनुवाद करके बताया। विशेषज्ञों की टीम में न्यूजीलैंड के डेविड मेक्निलोह, जेक हीउज, मिल जोन्स टन शामिल रहे। इस दौरान संगड़ाह ब्लॉक की फेसिलिटेटर नितेश और हितेश भी मौजूद रहे।
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