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यात्रा पर रोक के बाद भी चूड़धार निकल रहे श्रद्घालू
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नौहराधार (सिरमौर)। चूड़धार यात्रा पर प्रशासन की ओर से आगामी 15 अप्रैल तक पूर्णतया रोक लगाई गई है लेकिन पर्यटकों का चूड़धार जाना नहीं रुक रहा है। लोग माइनस डिग्री सेल्सियस के बीच चूड़धार यात्रा पर निकल रहे हैं। गत रविवार एक दर्जन श्रद्घालु नौहराधार होते हुए चूड़धार निकले।
बता दें कि दिसंबर से लेकर मार्च तक चूड़धार में 10 से 12 फीट गिरती है जिसके कारण चूड़धार जाने वाले सभी रास्ते बंद हो जाते हैं। चूड़धार में भारी बर्फबारी होने के कारण प्रशासन की ओर से हर वर्ष 30 नवंबर से यात्रा पर रोक लगा दी जाती है। आजकल यहां पर न तो ठहरने की कोई व्यवस्था है न ही खाने-पीने की। चूड़धार में यात्रियों के ठहरने एवं खाने की व्यवस्था चूड़ेश्वर सेवा समिति करती है लेकिन चूड़ेश्वर सेवा समिति के सदस्य 30 नवंबर के बाद करीब पांच महीने के लिए अपने-अपने घर चले गए हैं। यात्रा पर प्रशासनिक रोक के बावजूद श्रद्घालु एवं पर्यटक चूड़धार यात्रा पर निकल रहे हैं। इससे पहले भी श्रद्घालुओं के चूड़धार के जंगल में लापता होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिर भी श्रद्घालु सबक नहीं ले रहे।
चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने बताया कि चूड़धार में भारी बर्फबारी हो रही है। अब रास्ते बंद हो चुके हैं। उन्होंने श्रद्घालुओं से अपील की है कि अप्रैल माह तक वह प्रशासन की अनुमति के बिना चूड़धार पर न जाएं। इस समय चूड़धार की यात्रा जोखिम पूर्ण है।
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बता दें कि दिसंबर से लेकर मार्च तक चूड़धार में 10 से 12 फीट गिरती है जिसके कारण चूड़धार जाने वाले सभी रास्ते बंद हो जाते हैं। चूड़धार में भारी बर्फबारी होने के कारण प्रशासन की ओर से हर वर्ष 30 नवंबर से यात्रा पर रोक लगा दी जाती है। आजकल यहां पर न तो ठहरने की कोई व्यवस्था है न ही खाने-पीने की। चूड़धार में यात्रियों के ठहरने एवं खाने की व्यवस्था चूड़ेश्वर सेवा समिति करती है लेकिन चूड़ेश्वर सेवा समिति के सदस्य 30 नवंबर के बाद करीब पांच महीने के लिए अपने-अपने घर चले गए हैं। यात्रा पर प्रशासनिक रोक के बावजूद श्रद्घालु एवं पर्यटक चूड़धार यात्रा पर निकल रहे हैं। इससे पहले भी श्रद्घालुओं के चूड़धार के जंगल में लापता होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिर भी श्रद्घालु सबक नहीं ले रहे।
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चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने बताया कि चूड़धार में भारी बर्फबारी हो रही है। अब रास्ते बंद हो चुके हैं। उन्होंने श्रद्घालुओं से अपील की है कि अप्रैल माह तक वह प्रशासन की अनुमति के बिना चूड़धार पर न जाएं। इस समय चूड़धार की यात्रा जोखिम पूर्ण है।
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