{"_id":"66d6f98bebcbf45cf0087e48","slug":"people-like-ved-prakash-ki-painting-nahan-news-c-177-1-ssml1030-131564-2024-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: चित्रकार वेद प्रकाश कलाकृतियों से देते हैं जागरुकता का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: चित्रकार वेद प्रकाश कलाकृतियों से देते हैं जागरुकता का संदेश
विज्ञापन
चित्रकार वेद प्रकाश अपनी तैयार की गई जीवंत पेटिंग के साथ। संवाद
चित्रकार वेद प्रकाश कलाकृतियों से देते हैं जागरुकता का संदेश
गरीब युवाओं को पेंटिंग सीखा कर किया आत्मनिर्भर, कई मंचों पर सम्मानित
प्रदूषण, दहेज प्रथा, जल बचाओ तथा बेटी बचाओ का चित्रों से दिया संदेश
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। गुरु की नगरी पांवटा साहिब के चित्रकार वेद प्रकाश अपनी कई जीवंत कलाकृतियों (पेंटिंग)से जन जागरूकता संदेश देते हैं। इसमें पर्यावरण संरक्षण, दहेज कुप्रथा, जल बचाओ तथा बेटी बचाओ नारों का अपनी कलाकृतियों से संदेश दिया। विश्वव्यापी कोरोना वायरस से खतरे और बचाव संबंधी संदेश की कलाकृति भी खूब चर्चित हुई थी।
चित्रकार के साथ समाजसेवा का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। अब तक निर्धन परिवारोंं के एक दर्जन से अधिक युवाओं को चित्रकला सीखा कर आर्थिक रूप से परिवार का सहारा बना चुके हैं।
बता दें कि चित्रकार वेद प्रकाश का जन्म उत्तर प्रदेश के सरसावा कस्बे में हुआ है। प्रारंभिक शिक्षा सरसावा के स्कूल से हासिल की है। बचपन से मन में पेंटिंग का शौक रहा। इस चित्रकार के पास अपनी कोई डिग्री नहीं है। केवल प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की है। अनुभव के दम पर चित्रकारी में नया मुकाम हासिल कर दिखाया है। इनकी बनाई चित्रकला का हर कोई दीवाना है। उसकी हाथों की अंगुलियों में ऐसा जादू है कि उनकी कलाकृति देखकर हर कोई दंग रह जाता है। चित्रकार की अंगुलियों में जादू है। देवी देवताओं, किसी भी व्यक्ति की हूबहू तस्वीर बना देते हैं।
विज्ञापन
वेद प्रकाश ने वर्ष 2000 से चित्रकारी का कार्य शुरू कर दिया। अब तक उन्होंने हजारों तस्वीरें बनाई हैं। उनकी बेहतर तस्वीरों में प्रकृति, प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार का चित्र, राधा, कृष्ण, गणेश आदि की तस्वीरें सरकार की ओर से जिला सिरमौर के त्रिलोकपुर के म्यूजियम में सजी है।
समाज में दहेज प्रथा, पर्यावरण प्रदूषण रोकने, कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए उन्होंने कई तस्वीरें तैयार की हैं।
बाक्स...
ये खास संदेश और भाव भंगिमा वाली पेंटिंग्स चर्चित रही
क्रोधित प्रकृति, मानवों की ओर से जीव जंतुओं की निर्मम हत्या और अपने स्वाद के लिए इस्तेमाल करने, वनों का विनाश, उद्योगों, वाहनों की हवा में बेतहाशा जहर घोलने, कूड़े कचरे और केमिकल से नदियों को दूषित करने की तस्वीरें देख कर हर कोई हतप्रभ रह जाता है। पंजाब, हरियाणा व हिमाचल में कई मंचों पर सम्मानित हो चुके हैं।
संवाद
विज्ञापन
गरीब युवाओं को पेंटिंग सीखा कर किया आत्मनिर्भर, कई मंचों पर सम्मानित
प्रदूषण, दहेज प्रथा, जल बचाओ तथा बेटी बचाओ का चित्रों से दिया संदेश
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। गुरु की नगरी पांवटा साहिब के चित्रकार वेद प्रकाश अपनी कई जीवंत कलाकृतियों (पेंटिंग)से जन जागरूकता संदेश देते हैं। इसमें पर्यावरण संरक्षण, दहेज कुप्रथा, जल बचाओ तथा बेटी बचाओ नारों का अपनी कलाकृतियों से संदेश दिया। विश्वव्यापी कोरोना वायरस से खतरे और बचाव संबंधी संदेश की कलाकृति भी खूब चर्चित हुई थी।
चित्रकार के साथ समाजसेवा का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। अब तक निर्धन परिवारोंं के एक दर्जन से अधिक युवाओं को चित्रकला सीखा कर आर्थिक रूप से परिवार का सहारा बना चुके हैं।
विज्ञापन
बता दें कि चित्रकार वेद प्रकाश का जन्म उत्तर प्रदेश के सरसावा कस्बे में हुआ है। प्रारंभिक शिक्षा सरसावा के स्कूल से हासिल की है। बचपन से मन में पेंटिंग का शौक रहा। इस चित्रकार के पास अपनी कोई डिग्री नहीं है। केवल प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की है। अनुभव के दम पर चित्रकारी में नया मुकाम हासिल कर दिखाया है। इनकी बनाई चित्रकला का हर कोई दीवाना है। उसकी हाथों की अंगुलियों में ऐसा जादू है कि उनकी कलाकृति देखकर हर कोई दंग रह जाता है। चित्रकार की अंगुलियों में जादू है। देवी देवताओं, किसी भी व्यक्ति की हूबहू तस्वीर बना देते हैं।
विज्ञापन
वेद प्रकाश ने वर्ष 2000 से चित्रकारी का कार्य शुरू कर दिया। अब तक उन्होंने हजारों तस्वीरें बनाई हैं। उनकी बेहतर तस्वीरों में प्रकृति, प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार का चित्र, राधा, कृष्ण, गणेश आदि की तस्वीरें सरकार की ओर से जिला सिरमौर के त्रिलोकपुर के म्यूजियम में सजी है।
समाज में दहेज प्रथा, पर्यावरण प्रदूषण रोकने, कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए उन्होंने कई तस्वीरें तैयार की हैं।
बाक्स...
ये खास संदेश और भाव भंगिमा वाली पेंटिंग्स चर्चित रही
क्रोधित प्रकृति, मानवों की ओर से जीव जंतुओं की निर्मम हत्या और अपने स्वाद के लिए इस्तेमाल करने, वनों का विनाश, उद्योगों, वाहनों की हवा में बेतहाशा जहर घोलने, कूड़े कचरे और केमिकल से नदियों को दूषित करने की तस्वीरें देख कर हर कोई हतप्रभ रह जाता है। पंजाब, हरियाणा व हिमाचल में कई मंचों पर सम्मानित हो चुके हैं।
संवाद