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Sirmour News: नाहन में लंबित मांगों को लेकर गरजे पेंशनर्स, रैली निकाल की नारेबाजी
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उपायुक्त कार्यालय नाहन परिसर में मांगों को लेकर नारेबाजी करते पेंशनर्स। संवाद
उपायुक्त सिरमौर के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
कहा, जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो होगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा के बैनर तले जिला मुख्यालय नाहन में मंगलवार को पेंशनर्स ने रैली निकाली। चौगान से उपायुक्त के कार्यालय तक पेंशनर्स ने रैली में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली के बाद मांगों को लेकर एक ज्ञापन उपायुक्त सिरमौर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा गया।
इस दौरान हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, राज्य प्रवक्ता रविदत्त भारद्वाज, महासचिव प्रमोद गौतम, विजय भारद्वाज, नरेशदत्त शर्मा, रविंद्र चौहान, विपिन कालिया आदि ने जमकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब माननीयों को अपने वेतन और भत्ते बढ़ाने की बात आती है तो उस समय न तो प्रदेश की आर्थिक हालत को देखा जाता है और न ही अन्य किसी आपदा को। हैरानी की बात यह भी है कि विपक्ष भी इस दौरान खामोश रहता है और तालियां बजाता है। वहीं जब बात कर्मचारियों और पेंशनर्स को उनके हक देने की आती है तो हाथ पीछे खींच लिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पेंशनभोगी अपनी लंबित और जायज मांगों को लेकर काफी समय से संघर्ष कर रहे हैंं। ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार पेंशनभोगियों की पीड़ा के प्रति उदासीन बनी हुई है। 2016 और 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उनके वैध बकाया का एक बड़ा हिस्सा अभी भी बकाया है। कुछ पेंशनधारकों के तो 10 लाख रुपये तक बकाया हो गए हैं। उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में मेडिकल बिलों के लिए भी चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम और बिजली बोर्ड के पेंशनभोगियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, क्योंकि उन्हें समय पर पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। लगातार हो रही देरी के कारण कई लोग आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं। इसके अलावा, महंगाई भत्ते (डीए) की 16 किस्तें अभी भी लंबित हैं, जिससे उन वरिष्ठ नागरिकों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है जो पूरी तरह से अपनी पेंशन पर निर्भर हैं।
इसके अलावा उन्होंने पेंशनभोगियों की एक संयुक्त परामर्शदात्री समिति का गठन तथा शीघ्रातिशीघ्र बैठक बुलाने, 1-1-2016 और 31-01-2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगियों को देय राशि का तत्काल भुगतान करने, एचआरटीसी और पेंशनरों को हर महीने की पहली तारीख को पेंशन का समय पर भुगतान करने आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
इसके अलावा एचआरटीसी पेंशनरों तथा विद्युत बोर्ड पेंशनरों को, जो इस लाभ से वंचित रह गए हैं, 50,000 रुपये का एकमुश्त लाभ देने, बकाया राशि सहित 16 प्रतिशत लंबित डीआर किस्तों का भुगतान एवं जारी करने, पेंशनभोगियों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के विशाल बैकलॉग को निपटाने, छठे वेतन आयोग के बकाया का एक ही किस्त में भुगतान करने आदि मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
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कहा, जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो होगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा के बैनर तले जिला मुख्यालय नाहन में मंगलवार को पेंशनर्स ने रैली निकाली। चौगान से उपायुक्त के कार्यालय तक पेंशनर्स ने रैली में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली के बाद मांगों को लेकर एक ज्ञापन उपायुक्त सिरमौर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा गया।
इस दौरान हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, राज्य प्रवक्ता रविदत्त भारद्वाज, महासचिव प्रमोद गौतम, विजय भारद्वाज, नरेशदत्त शर्मा, रविंद्र चौहान, विपिन कालिया आदि ने जमकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब माननीयों को अपने वेतन और भत्ते बढ़ाने की बात आती है तो उस समय न तो प्रदेश की आर्थिक हालत को देखा जाता है और न ही अन्य किसी आपदा को। हैरानी की बात यह भी है कि विपक्ष भी इस दौरान खामोश रहता है और तालियां बजाता है। वहीं जब बात कर्मचारियों और पेंशनर्स को उनके हक देने की आती है तो हाथ पीछे खींच लिए जाते हैं।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पेंशनभोगी अपनी लंबित और जायज मांगों को लेकर काफी समय से संघर्ष कर रहे हैंं। ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार पेंशनभोगियों की पीड़ा के प्रति उदासीन बनी हुई है। 2016 और 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उनके वैध बकाया का एक बड़ा हिस्सा अभी भी बकाया है। कुछ पेंशनधारकों के तो 10 लाख रुपये तक बकाया हो गए हैं। उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में मेडिकल बिलों के लिए भी चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम और बिजली बोर्ड के पेंशनभोगियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, क्योंकि उन्हें समय पर पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। लगातार हो रही देरी के कारण कई लोग आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं। इसके अलावा, महंगाई भत्ते (डीए) की 16 किस्तें अभी भी लंबित हैं, जिससे उन वरिष्ठ नागरिकों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है जो पूरी तरह से अपनी पेंशन पर निर्भर हैं।
इसके अलावा उन्होंने पेंशनभोगियों की एक संयुक्त परामर्शदात्री समिति का गठन तथा शीघ्रातिशीघ्र बैठक बुलाने, 1-1-2016 और 31-01-2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगियों को देय राशि का तत्काल भुगतान करने, एचआरटीसी और पेंशनरों को हर महीने की पहली तारीख को पेंशन का समय पर भुगतान करने आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
इसके अलावा एचआरटीसी पेंशनरों तथा विद्युत बोर्ड पेंशनरों को, जो इस लाभ से वंचित रह गए हैं, 50,000 रुपये का एकमुश्त लाभ देने, बकाया राशि सहित 16 प्रतिशत लंबित डीआर किस्तों का भुगतान एवं जारी करने, पेंशनभोगियों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के विशाल बैकलॉग को निपटाने, छठे वेतन आयोग के बकाया का एक ही किस्त में भुगतान करने आदि मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया।