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पेंशनरों के प्रति राज्य सरकार के फैसले भेदभावपूर्ण : डॉ. विपन कालिया
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पेंशनरों के प्रति राज्य सरकार के फैसले भेदभावपूर्ण : डॉ. विपन कालिया
कहा, प्रदेश कार्यकारिणी की ओर से घेराव करने के फैसले का पूर्ण समर्थन
हिमाचल प्रदेश पेंशनर वेलफेयर संघ पांवटा इकाई की बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश पेंशनर वेलफेयर संघ पांवटा इकाई की एक बैठक अध्यक्ष डॉ. विपन कालिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी व्यक्त की गई।
पेंशनर वेलफेयर संघ पांवटा साहब इकाई अध्यक्ष डॉ. विपन कालिया और महासचिव डॉ. टीपी सिंह ने कहा कि सरकार का पेंशनरों की हर माह पेेंशन 9 तारीख करने का फैसला निराशजनक है। बैठक में सभी सदस्यों में रोष व्यक्त करते हुए सरकार के इस फैसले को असंवेदनशीलता का परिचायक है। महंगाई भत्ते की 4 फीसदी का 21 माह का एरियर व 12 फीसदी की तीन किस्त बकाए का शीघ्र भुगतान किया जाना चाहिए। कहा कि जनवरी 2016 के बाद के सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनरों को उनका देय भुगतान लंबित है। इसके लिए सभी प्रदेश सरकार की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं लेकिन निराशा ही हाथ लग रही है। ऐसे में पेंशनर सरकार से बहुत व्यथित हैं।
पेंशनरों ने कहा कि पिछली सरकार ने 8 सितंबर 2022 में पेंशन और परिवार पेंशन के मूल वेतन के 50 फीसदी व 30 फीसदी के अनुरूप निर्धारण के आदेश दिए गए थे जिससे पुराने पेंशनरों को कुछ लाभ होना था। उनके मामले लगभग 2 वर्ष से महालेखाकार कार्यालय में लंबित पड़े हुए हैं। इनको भी सरकार जारी नहीं करवा पा रही है। चिकित्सा बिलों की अदायगी तो इस सरकार के आने के साथ लगभग रुक ही गई है।
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पेंशनर जीवन के इस अंतिम पड़ाव में वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। जेसीसी का गठन तो पिछले अपने लगभग 2 वर्ष के कार्यकाल में कर ही नहीं पाई है। इससे पेंशनर अपने जायज हकों को उठा ही नहीं पा रहे हैं। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी के कांग्रेस विधायकों और मंत्रियों के घेराव करने के फैसले का पूर्ण समर्थन करते हैं।
संवाद
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कहा, प्रदेश कार्यकारिणी की ओर से घेराव करने के फैसले का पूर्ण समर्थन
हिमाचल प्रदेश पेंशनर वेलफेयर संघ पांवटा इकाई की बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश पेंशनर वेलफेयर संघ पांवटा इकाई की एक बैठक अध्यक्ष डॉ. विपन कालिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी व्यक्त की गई।
पेंशनर वेलफेयर संघ पांवटा साहब इकाई अध्यक्ष डॉ. विपन कालिया और महासचिव डॉ. टीपी सिंह ने कहा कि सरकार का पेंशनरों की हर माह पेेंशन 9 तारीख करने का फैसला निराशजनक है। बैठक में सभी सदस्यों में रोष व्यक्त करते हुए सरकार के इस फैसले को असंवेदनशीलता का परिचायक है। महंगाई भत्ते की 4 फीसदी का 21 माह का एरियर व 12 फीसदी की तीन किस्त बकाए का शीघ्र भुगतान किया जाना चाहिए। कहा कि जनवरी 2016 के बाद के सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनरों को उनका देय भुगतान लंबित है। इसके लिए सभी प्रदेश सरकार की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं लेकिन निराशा ही हाथ लग रही है। ऐसे में पेंशनर सरकार से बहुत व्यथित हैं।
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पेंशनरों ने कहा कि पिछली सरकार ने 8 सितंबर 2022 में पेंशन और परिवार पेंशन के मूल वेतन के 50 फीसदी व 30 फीसदी के अनुरूप निर्धारण के आदेश दिए गए थे जिससे पुराने पेंशनरों को कुछ लाभ होना था। उनके मामले लगभग 2 वर्ष से महालेखाकार कार्यालय में लंबित पड़े हुए हैं। इनको भी सरकार जारी नहीं करवा पा रही है। चिकित्सा बिलों की अदायगी तो इस सरकार के आने के साथ लगभग रुक ही गई है।
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पेंशनर जीवन के इस अंतिम पड़ाव में वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। जेसीसी का गठन तो पिछले अपने लगभग 2 वर्ष के कार्यकाल में कर ही नहीं पाई है। इससे पेंशनर अपने जायज हकों को उठा ही नहीं पा रहे हैं। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी के कांग्रेस विधायकों और मंत्रियों के घेराव करने के फैसले का पूर्ण समर्थन करते हैं।
संवाद