{"_id":"57b890d64f1c1b363c6ec415","slug":"patwari-changed-income-certificate-with-in-four-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"पटवारी ने चार दिन में बदल दिया आय प्रमाण पत्र ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पटवारी ने चार दिन में बदल दिया आय प्रमाण पत्र
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
Updated Sat, 20 Aug 2016 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नाहन (सिरमौर)। विकास खंड संगड़ाह के तहत आने वाली दूरदराज खूड़ द्राबिल पंचायत के पटवार सर्कल जरग में तैनात पटवारी ने एक महिला का आय प्रमाण पत्र चार दिन में बदल दिया। पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि पटवारी ने उमा देवी की आय को 60 हजार रुपये दर्शाया और मात्र चार दिन बाद ही पटवारी ने इसी महिला की आय को 35 हजार कर दिया।
इस मामले को लेकर खूड़ द्राबिल पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधान अनिल ठाकुर की अध्यक्षता में डीसी सिरमौर से मिला। पंचायत प्रधान ने उपायुक्त सिरमौर को बताया कि जरग पटवार सर्कल में तैनात पटवारी मनमानी से काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी कभी भी पटवार सर्कल में नहीं बैठता। पंचायत से करीब 5 किलोमीटर दूर जरग पटवार सर्कल की बजाय ग्रामीणों को अपने कामकाज के सिलसिले में 26 किलोमीटर दूर स्थित ददाहू जाना पड़ रहा है। इसके बाद भी पटवारी उन्हें बैरंग ही वापस भेज देता है।
विज्ञापन
अनिल ठाकुर ने डीसी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि कई विधवा महिलाएं अपना विधवा पेंशन फार्म भरने पटवार सर्कल जाती हैं, उन्हें भी सही आमदनी प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता। वृद्घा पेंशन धारकों की आमदनी भी ज्यादा आंकी जाती है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बीपीएल परिवारों को भी सही प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। पंचायत में विकास कार्य करवाने के लिए खसरे नंबर के लिए भी पटवारी के बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पटवारी की मनमानी के कारण वर्तमान में पूरी पंचायत के लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने डीसी से संबंधित पटवारी का स्थानांतरण अन्यत्र जगह करने की मांग उठाई है। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आग्रह भी किया है। इस मौके पर वार्ड सदस्य दासाराम, जोगेंद्र ठाकुर, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।
उधर, पटवारी यशवंत ने बताया कि पंचायत प्रधान बेवजह उनपर दबाव बना रहा है। किसी भी ग्रामीण की कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने बताया कि जरग में बैठने की व्यवस्था न होने के कारण वह बढ़ोन में ही बैठते हैं। उनके पास खालाक्यार का भी अतिरिक्त कार्यभार है।