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Sirmour News: परशुराम जयंती पर रेणुका नहीं आएंगे आराध्य देव
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शांत वास में विश्राम कर रहे भगवान परशुराम
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। अक्षय तृतीया के मौके रेणुकाजी तीर्थ में पहली बार तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में भगवान परशुराम के न आने से लोगों को अपने आराध्य देव के दर्शन नहीं हो पाएंगे। परशुराम जयंती पर रेणुकाजी तीर्थ में इस बार भी कटाह मंदिर के एकमात्र देवता ही शोभायात्रा में शामिल होंगे। गत वर्ष भी परशुराम जयंती पर एक ही देवता ने उपस्थिति दर्ज की थी, जबकि इससे पूर्व इस समारोह में जामू व कटाह मंदिर के दो देवता अपनी हाजिरी भरते थे।
हालांकि रेणुका विकास बोर्ड ने दोनों देवताओं को परशुराम जयंती में शामिल होने का निमंत्रण दिया है, बावजूद इसके जामू मंदिर से मुख्य देवता शोभायात्रा में शिरकत नहीं करेंगे। जामू मंदिर के मुख्य देवता इन दिनों शांतवास में विराजमान हैं जिससे वह अभी बाहर नहीं आएंगे।
दरअसल, भगवान परशुराम के प्राचीन जामू मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य प्रगति पर है। इस कारण देवताओं को सिंहासन सहित सुरक्षित स्थान पर शांतवास में विराजित किया गया है। शोभा यात्रा में नहीं आने का ऐलान खुद देवता ने किया है। देवता ने अदृश्य रूप में देवताओं को दर्शन देने की बात कही है। कटाह से आने वाले देवता भी उन्हीं का अंश स्वरूप हैं।
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श्री रेणुका विकास बोर्ड के सीईओ भरत सिंह ठाकुर ने कहा कि परशुराम जयंती समारोह में कटाह मंदिर से एक ही देवता शामिल होंगे।
-- -संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। अक्षय तृतीया के मौके रेणुकाजी तीर्थ में पहली बार तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में भगवान परशुराम के न आने से लोगों को अपने आराध्य देव के दर्शन नहीं हो पाएंगे। परशुराम जयंती पर रेणुकाजी तीर्थ में इस बार भी कटाह मंदिर के एकमात्र देवता ही शोभायात्रा में शामिल होंगे। गत वर्ष भी परशुराम जयंती पर एक ही देवता ने उपस्थिति दर्ज की थी, जबकि इससे पूर्व इस समारोह में जामू व कटाह मंदिर के दो देवता अपनी हाजिरी भरते थे।
हालांकि रेणुका विकास बोर्ड ने दोनों देवताओं को परशुराम जयंती में शामिल होने का निमंत्रण दिया है, बावजूद इसके जामू मंदिर से मुख्य देवता शोभायात्रा में शिरकत नहीं करेंगे। जामू मंदिर के मुख्य देवता इन दिनों शांतवास में विराजमान हैं जिससे वह अभी बाहर नहीं आएंगे।
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दरअसल, भगवान परशुराम के प्राचीन जामू मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य प्रगति पर है। इस कारण देवताओं को सिंहासन सहित सुरक्षित स्थान पर शांतवास में विराजित किया गया है। शोभा यात्रा में नहीं आने का ऐलान खुद देवता ने किया है। देवता ने अदृश्य रूप में देवताओं को दर्शन देने की बात कही है। कटाह से आने वाले देवता भी उन्हीं का अंश स्वरूप हैं।
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श्री रेणुका विकास बोर्ड के सीईओ भरत सिंह ठाकुर ने कहा कि परशुराम जयंती समारोह में कटाह मंदिर से एक ही देवता शामिल होंगे।