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Sirmour News: पांवटा-रोहडू एनएच डेढ़ घंटे ठप, राहगीर परेशान
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तिलौरधार के समीप नालीगाड में मलबा आने से बंद पड़ा पांवटा-रोहड़े एनएच 707 मार्ग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कफोटा/शिलाई(सिरमौर)। भारी बारिश के कारण वीरवार को पांवटा साहिब-रोहडू एनएच-707 पर तिलौरधार के समीप नालीगाड में भारी भूस्खलन हुआ। सड़क पर मलबा आने से यातायात दोपहर 12 बजे से डेढ़ बजे तक करीब डेढ़ घंटे के लिए पूरी तरह बाधित रहा। मार्ग बंद होने से पांवटा साहिब से शिलाई की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
हालांकि, सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर जेसीबी मशीन भेजी। कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर मार्ग को छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित रूप से बहाल कर दिया गया।
लोगों के अनुसार, नालीगाड खड्ड के पास हर बार बारिश के दौरान भूस्खलन की समस्या उत्पन्न होती है। इसके कारण यह मार्ग अक्सर बंद हो जाता है और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एनएच के अधिशासी अभियंता राकेश खंडूजा ने बताया कि तिलौरधार और कफोटा के बीच हुए इस भूस्खलन से सड़क करीब डेढ़ घंटे तक बंद रही, जिसे युद्धस्तर पर मलबा हटाकर तुरंत बहाल कर दिया गया।
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कफोटा/शिलाई(सिरमौर)। भारी बारिश के कारण वीरवार को पांवटा साहिब-रोहडू एनएच-707 पर तिलौरधार के समीप नालीगाड में भारी भूस्खलन हुआ। सड़क पर मलबा आने से यातायात दोपहर 12 बजे से डेढ़ बजे तक करीब डेढ़ घंटे के लिए पूरी तरह बाधित रहा। मार्ग बंद होने से पांवटा साहिब से शिलाई की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
हालांकि, सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर जेसीबी मशीन भेजी। कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर मार्ग को छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित रूप से बहाल कर दिया गया।
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लोगों के अनुसार, नालीगाड खड्ड के पास हर बार बारिश के दौरान भूस्खलन की समस्या उत्पन्न होती है। इसके कारण यह मार्ग अक्सर बंद हो जाता है और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एनएच के अधिशासी अभियंता राकेश खंडूजा ने बताया कि तिलौरधार और कफोटा के बीच हुए इस भूस्खलन से सड़क करीब डेढ़ घंटे तक बंद रही, जिसे युद्धस्तर पर मलबा हटाकर तुरंत बहाल कर दिया गया।
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