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पानवा स्कूल का दर्जा बढ़ा, पर नसीब नहीं हुआ नया भवन
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पानवा स्कूल का खस्ताहाल कमरा, जिसमें बच्चो शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। संवाद
- फोटो : NAHAN
सराहां (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पानवा का दर्जा तो सरकार ने बढ़ा दिया लेकिन यहां सुविधाएं देना भूल गया है। ऐसे में जमा एक और जमा दो कक्षाएं खस्ताहाल भवन में चल रही हैं। विद्यालय प्रबंधन कमेटी की ओर से कई बार प्रस्ताव पारित कर विभाग को भेजा गया है लेकिन अभी तक स्कूल को भवन नसीब नहीं हो पाया है।
हालत यह है कि जिस भवन में दोनों कक्षाएं लगाई जा रही हैं वह 60 से 65 साल पुराना है। पहले यहां मिडल व हाई स्कूल की कक्षाएं लगतीं थीं। भवन की जर्जर हालत को देखते हुए उच्च विद्यालय तो नए भवन में शिफ्ट कर दिया लेकिन जमा एक और दो कक्षाएं इसी भवन में लग रहीं हैं जहां खतरे के साये में कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
बता दें कि पानवा स्कूल का दर्जा दो वर्ष पहले उच्च से बढ़ाकर वरिष्ठ माध्यमिक किया गया था। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक भी खासे चिंतित है। जिस भवन में कक्षाएं चल रहीं हैं, उसकी छत बरसात में टपकती है। इसके अलावा प्लास्टर भी उखड़ा पड़ा है। खिड़कियां टूटी हुईं हैं। बरसात में कमरों में पानी आने पर कक्षाएं लाइब्रेरी में लगानी पड़ती हैं। वर्तमान में जमा एक और जमा दो कक्षा में दस बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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स्थानीय निवासी देव स्वरूप शर्मा, रमेश दत्त, अजय शर्मा, परीक्षा देवी, विशाल शर्मा व विनोद शर्मा ने बताया कि पानवा स्कूल के जिन कमरों में जमा एक और दो कक्षा के छात्र-छात्राओं को बैठाया जाता है, उनकी हालत बेहद दयनीय है। भवन की हालत सही न होने के कारण बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
प्रधानाचार्य सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि कमरों की कमी के कारण जमा एक और दो कक्षा के बच्चों को इस भवन के कमरों में बैठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से व स्कूल की तरफ से कई बार भवन बनाने की मांग उठाई है।
शिक्षा उपनिदेशक कर्म चंद ने बताया कि पानवा स्कूल में खस्ताहाल भवन की जानकारी मिली है। विभाग की ओर से कनिष्ठ अभियंता को इसका जायजा लेने के लिए भेजा गया है।
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हालत यह है कि जिस भवन में दोनों कक्षाएं लगाई जा रही हैं वह 60 से 65 साल पुराना है। पहले यहां मिडल व हाई स्कूल की कक्षाएं लगतीं थीं। भवन की जर्जर हालत को देखते हुए उच्च विद्यालय तो नए भवन में शिफ्ट कर दिया लेकिन जमा एक और दो कक्षाएं इसी भवन में लग रहीं हैं जहां खतरे के साये में कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
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बता दें कि पानवा स्कूल का दर्जा दो वर्ष पहले उच्च से बढ़ाकर वरिष्ठ माध्यमिक किया गया था। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक भी खासे चिंतित है। जिस भवन में कक्षाएं चल रहीं हैं, उसकी छत बरसात में टपकती है। इसके अलावा प्लास्टर भी उखड़ा पड़ा है। खिड़कियां टूटी हुईं हैं। बरसात में कमरों में पानी आने पर कक्षाएं लाइब्रेरी में लगानी पड़ती हैं। वर्तमान में जमा एक और जमा दो कक्षा में दस बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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स्थानीय निवासी देव स्वरूप शर्मा, रमेश दत्त, अजय शर्मा, परीक्षा देवी, विशाल शर्मा व विनोद शर्मा ने बताया कि पानवा स्कूल के जिन कमरों में जमा एक और दो कक्षा के छात्र-छात्राओं को बैठाया जाता है, उनकी हालत बेहद दयनीय है। भवन की हालत सही न होने के कारण बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
प्रधानाचार्य सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि कमरों की कमी के कारण जमा एक और दो कक्षा के बच्चों को इस भवन के कमरों में बैठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से व स्कूल की तरफ से कई बार भवन बनाने की मांग उठाई है।
शिक्षा उपनिदेशक कर्म चंद ने बताया कि पानवा स्कूल में खस्ताहाल भवन की जानकारी मिली है। विभाग की ओर से कनिष्ठ अभियंता को इसका जायजा लेने के लिए भेजा गया है।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पानवा का खस्ताहाल भवन। संवाद- फोटो : NAHAN