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Sirmour News: पांवटा बस अड्डा परिसर से नहीं हटा दशकों पुराना जर्जर ढांचा
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करोड़ों लागत से बने नए पांवटा बस स्टैंड परिसर में दिन के समय निगम व निजी बसों को पार्किंग में द
पांवटा बस अड्डा परिसर से नहीं हटा दशकों पुराना जर्जर ढांचा
चार वर्षों बाद भी ढांचा नहीं हटने से बसों की पार्किंग में दिक्कतें
विभिन्न राज्यों के निगम और निजी बसों को दिन के समय पेश आ रहीं समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। गुरु की नगरी पांवटा साहिब में रोज विभिन्न राज्यों के निगमों और सैकड़ों निजी बसें पहुंचती हैं। इससे दिन के समय पहले ही तंग बस अड्डा परिसर में पार्किंग को स्थान नहीं मिल पाता है। करोड़ों की लागत से चार वर्ष पहले नया बस अड्डा भवन तैयार किया गया है लेकिन अब तक दशकों पुराने बस अड्डे के जर्जर ढांचे को गिराया नहीं जा सका है। इस स्थल पर 24 के करीब बसों की पार्किंग सुविधा मिल सकती है।
सिरमौर निजी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान बलविंद्र सिंह, सचिव अखिल शर्मा, मदन मोहन शर्मा, सुरमुख सिंह, कमलजीत सिंह बंगा, मामराज शर्मा, अतर सिंह पुंडीर, रिंकू चौधरी, एकांत गर्ग, रमेश ठाकुर व महेंद्र ठाकुर का कहना है कि करोड़ों की लागत से नया बस अड्डा भवन तैयार कर शुरू कर दिया गया। इसमें पहला कार्य दशकों पुराने जर्जर हो चुके भवन के ढांचे को गिराना बेहद जरूरी था। पुराने ढांचे को गिराने के लिए चार वर्षों के बाद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। निजी बस यूनियन ने मांग उठाई है कि पुराना भवन हटाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए।
व्यवसायी भरत राणा, हरजीत सिंह, राजू शाह, दिनेश शर्मा, कंवर ठाकुर, अनिल अत्री, रमन ठाकुर, मनोज चौहान व सुरेंद्र चौहान ने बताया कि गुरु की नगरी पांवटा साहिब में देश-विदेश से संगतें व पर्यटक पहुंचते हैं। उतर भारत की उतर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ रोडवेज, हिमाचल पथ परिवहन निगम तथा सैकड़ों निजी बसें अपने मार्ग पर रवाना होने के लिए रोज पहुंचती हैं।
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पुराने बस अड्डा परिसर के चलते गंदगी का आलम भी रहता है। यह नशेड़ियों का अड्डा भी बनता जा रहा है। इसलिए पुराने जर्जर भवन के ढांचे को गिराया जाना चाहिए। दिन के समय बस अड्डा परिसर में सैकड़ों निगम और निजी बसें पहुंचती हैं। इससे कई बार पार्किंग करने की दिक्कतें आती जा रही हैं। विश्वकर्मा चौक से बस स्टैंड मार्ग पर कई बार तो जाम की स्थिति बन जाती है।
आरएम सिरमौर अंशित शर्मा ने बताया कि पांवटा साहिब में पुराने बस अड्डा भवन के ढांचे को गिराने के बारे में फिलहाल अभी कोई भी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
संवाद
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चार वर्षों बाद भी ढांचा नहीं हटने से बसों की पार्किंग में दिक्कतें
विभिन्न राज्यों के निगम और निजी बसों को दिन के समय पेश आ रहीं समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। गुरु की नगरी पांवटा साहिब में रोज विभिन्न राज्यों के निगमों और सैकड़ों निजी बसें पहुंचती हैं। इससे दिन के समय पहले ही तंग बस अड्डा परिसर में पार्किंग को स्थान नहीं मिल पाता है। करोड़ों की लागत से चार वर्ष पहले नया बस अड्डा भवन तैयार किया गया है लेकिन अब तक दशकों पुराने बस अड्डे के जर्जर ढांचे को गिराया नहीं जा सका है। इस स्थल पर 24 के करीब बसों की पार्किंग सुविधा मिल सकती है।
सिरमौर निजी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान बलविंद्र सिंह, सचिव अखिल शर्मा, मदन मोहन शर्मा, सुरमुख सिंह, कमलजीत सिंह बंगा, मामराज शर्मा, अतर सिंह पुंडीर, रिंकू चौधरी, एकांत गर्ग, रमेश ठाकुर व महेंद्र ठाकुर का कहना है कि करोड़ों की लागत से नया बस अड्डा भवन तैयार कर शुरू कर दिया गया। इसमें पहला कार्य दशकों पुराने जर्जर हो चुके भवन के ढांचे को गिराना बेहद जरूरी था। पुराने ढांचे को गिराने के लिए चार वर्षों के बाद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। निजी बस यूनियन ने मांग उठाई है कि पुराना भवन हटाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए।
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व्यवसायी भरत राणा, हरजीत सिंह, राजू शाह, दिनेश शर्मा, कंवर ठाकुर, अनिल अत्री, रमन ठाकुर, मनोज चौहान व सुरेंद्र चौहान ने बताया कि गुरु की नगरी पांवटा साहिब में देश-विदेश से संगतें व पर्यटक पहुंचते हैं। उतर भारत की उतर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ रोडवेज, हिमाचल पथ परिवहन निगम तथा सैकड़ों निजी बसें अपने मार्ग पर रवाना होने के लिए रोज पहुंचती हैं।
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पुराने बस अड्डा परिसर के चलते गंदगी का आलम भी रहता है। यह नशेड़ियों का अड्डा भी बनता जा रहा है। इसलिए पुराने जर्जर भवन के ढांचे को गिराया जाना चाहिए। दिन के समय बस अड्डा परिसर में सैकड़ों निगम और निजी बसें पहुंचती हैं। इससे कई बार पार्किंग करने की दिक्कतें आती जा रही हैं। विश्वकर्मा चौक से बस स्टैंड मार्ग पर कई बार तो जाम की स्थिति बन जाती है।
आरएम सिरमौर अंशित शर्मा ने बताया कि पांवटा साहिब में पुराने बस अड्डा भवन के ढांचे को गिराने के बारे में फिलहाल अभी कोई भी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
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