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Sirmour News: बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान मजबूत करने पर जोर
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नाहन के डाइट संस्थान के हॉल में निपुण कार्यशाला के दौरान मौजूद शिक्षक। संवाद
सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) नाहन में निपुण भारत मिशन के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें जिले के सभी 16 ब्लॉकों से चार-चार शिक्षक भाग ले रहे हैं। इस तरह कुल 64 शिक्षक कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण हासिल करने के बाद ये शिक्षक ब्लॉक स्तर पर प्राथमिक स्कूलों के अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे और डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स ग्रुप (डीआरजी) के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी) को मजबूत करना है, ताकि बच्चों की शिक्षा की नींव बेहतर बन सके। इसके तहत शिक्षकों को ऐसे प्रभावी शिक्षण तरीकों की जानकारी दी जा रही है, जिनसे बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणित की बुनियादी समझ विकसित की जा सके।
कार्यशाला में शिक्षकों को निपुण उत्सव के आयोजन और उसे प्रभावी ढंग से मनाने के तौर-तरीकों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के बाद ये शिक्षक अपने-अपने ब्लॉकों में अन्य प्राथमिक शिक्षकों तक इस जानकारी और प्रशिक्षण को पहुंचाएंगे, जिससे निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को स्कूल स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
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कार्यशाला में जिला समन्वयक राजकुमार शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों और इसके तहत शिक्षकों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी साझा की।-- -- -- --
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) नाहन में निपुण भारत मिशन के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें जिले के सभी 16 ब्लॉकों से चार-चार शिक्षक भाग ले रहे हैं। इस तरह कुल 64 शिक्षक कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण हासिल करने के बाद ये शिक्षक ब्लॉक स्तर पर प्राथमिक स्कूलों के अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे और डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स ग्रुप (डीआरजी) के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी) को मजबूत करना है, ताकि बच्चों की शिक्षा की नींव बेहतर बन सके। इसके तहत शिक्षकों को ऐसे प्रभावी शिक्षण तरीकों की जानकारी दी जा रही है, जिनसे बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणित की बुनियादी समझ विकसित की जा सके।
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कार्यशाला में शिक्षकों को निपुण उत्सव के आयोजन और उसे प्रभावी ढंग से मनाने के तौर-तरीकों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के बाद ये शिक्षक अपने-अपने ब्लॉकों में अन्य प्राथमिक शिक्षकों तक इस जानकारी और प्रशिक्षण को पहुंचाएंगे, जिससे निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को स्कूल स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
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कार्यशाला में जिला समन्वयक राजकुमार शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों और इसके तहत शिक्षकों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी साझा की।