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नगर परिषद् नाहन का कनिष्ठ अभियंता और चालक बर्खास्त
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नाहन (सिरमौर)। नगर परिषद नाहन में तैनात कनिष्ठ अभियंता और एक चालक को बर्खास्त कर दिया गया है। चार अन्य के खिलाफ चार्जशीट तैयार की जा रही है। मामला डीजल के लाखों रुपये के फर्जी बिलों से जुड़ा है। इस मामले में शहरी विकास निदेशालय ने करीब एक साल बाद बड़ी कार्रवाई अमल में लाई है।
आरोप है कि नगर परिषद के अधिकारियों की मिलीभगत से डीजल खर्च के फर्जी बिल बनाए गए। मामले की शिकायत शहरी विकास निदेशालय को भेजी गई। अब इस मामले में निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इसी मामले में नगर परिषद के पूर्व कार्यकारी अधिकारी, पूर्व सहायक अभियंता सहित दो अन्य कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार की जा रही है। इन चारों से भी निदेशालय ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। बता दें कि डीजल घोटाले में नगर परिषद के पूर्व कार्यकारी अधिकारी वर्तमान में पांवटा साहिब नगर परिषद में इसी पद पर तैनात हैं। जबकि सहायक अभियंता सेवानिवृत हो चुके हैं। दो अन्य चालक भी नियमित कर्मचारी हैं।
शहरी विकास निदेशालय की संयुक्त निदेशक राखी सिंह ने बताया कि इस मामले में विभाग ने कनिष्ठ अभियंता सुनील और चालक रॉकी की सेवाएं बर्खास्त कर दी हैं। ये दोनों आउटसोर्स पर तैनात थे। जबकि, नगर परिषद नाहन के तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी अजमेर ठाकुर, सेवानिवृत्त सहायक अभियंता परवेज इकबाल, चालक नरेंद्र और संजीव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जल्द चार्जशीट तैयार होगी।
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ये था मामला
नगर परिषद नाहन में खड़ी खटारा गाड़ियों को चालू हालत में दिखाकर डीजल का करीब छह लाख रुपये खर्च दर्शाया गया। नगर परिषद के भाजपा समर्थित पार्षदों ने इसकी शिकायत शहरी विकास मंत्री को भेजी थी। विभागीय मंत्री ने शहरी विकास निदेशालय को जांच के आदेश दिए थे। संयुक्त निदेशक राखी सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा गया था। उन्होंने नाहन पहुंचकर मामले की जांच-पड़ताल की। नगर परिषद के अधिकारियों, पार्षदों और कुछ कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए थे।
.........हितेश शर्मा
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आरोप है कि नगर परिषद के अधिकारियों की मिलीभगत से डीजल खर्च के फर्जी बिल बनाए गए। मामले की शिकायत शहरी विकास निदेशालय को भेजी गई। अब इस मामले में निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इसी मामले में नगर परिषद के पूर्व कार्यकारी अधिकारी, पूर्व सहायक अभियंता सहित दो अन्य कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार की जा रही है। इन चारों से भी निदेशालय ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। बता दें कि डीजल घोटाले में नगर परिषद के पूर्व कार्यकारी अधिकारी वर्तमान में पांवटा साहिब नगर परिषद में इसी पद पर तैनात हैं। जबकि सहायक अभियंता सेवानिवृत हो चुके हैं। दो अन्य चालक भी नियमित कर्मचारी हैं।
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शहरी विकास निदेशालय की संयुक्त निदेशक राखी सिंह ने बताया कि इस मामले में विभाग ने कनिष्ठ अभियंता सुनील और चालक रॉकी की सेवाएं बर्खास्त कर दी हैं। ये दोनों आउटसोर्स पर तैनात थे। जबकि, नगर परिषद नाहन के तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी अजमेर ठाकुर, सेवानिवृत्त सहायक अभियंता परवेज इकबाल, चालक नरेंद्र और संजीव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जल्द चार्जशीट तैयार होगी।
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ये था मामला
नगर परिषद नाहन में खड़ी खटारा गाड़ियों को चालू हालत में दिखाकर डीजल का करीब छह लाख रुपये खर्च दर्शाया गया। नगर परिषद के भाजपा समर्थित पार्षदों ने इसकी शिकायत शहरी विकास मंत्री को भेजी थी। विभागीय मंत्री ने शहरी विकास निदेशालय को जांच के आदेश दिए थे। संयुक्त निदेशक राखी सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा गया था। उन्होंने नाहन पहुंचकर मामले की जांच-पड़ताल की। नगर परिषद के अधिकारियों, पार्षदों और कुछ कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए थे।
.........हितेश शर्मा