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Sirmour News: कालाअंब पंचायत में किन्नरों के शगुन की राशि तय, फेरीवालों का सत्यापन अनिवार्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। ग्राम पंचायत कालाअंब ने किन्नर समुदाय की ओर से समारोहों में लिए जाने वाले शगुन की अधिकतम राशि तय कर दी है। पंचायत के नए नियमों के तहत अब बीपीएल परिवारों से अधिकतम 1100 रुपये और अन्य परिवारों से अधिकतम 2100 रुपये शगुन लिया जा सकेगा। निर्धारित सीमा से अधिक शगुन मांगने पर संबंधित परिवार पंचायत में शिकायत कर सकता है।
ग्राम पंचायत प्रधान यशपाल शर्मा ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में किन्नर समुदाय के लिए शगुन की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। यदि कोई निर्धारित राशि से अधिक की मांग करता है तो परिवार पंचायत को इसकी सूचना दे सकता है। शिकायत मिलने पर पंचायत के नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रधान ने स्पष्ट किया कि तय राशि अधिकतम सीमा है। कोई भी परिवार अपनी इच्छा और आर्थिक क्षमता के अनुसार इससे कम या निर्धारित सीमा तक राशि स्वेच्छा से दे सकता है।
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बिना सत्यापन और अनुमति फेरी लगाने पर रोक
ग्राम पंचायत ने क्षेत्र में फेरी लगाकर सामान बेचने वालों के लिए भी नए नियम लागू किए हैं। अब पंचायत क्षेत्र में सामान बेचने वाले प्रत्येक फेरी वाले के लिए पंचायत से सत्यापन करवाना और अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
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पंचायत की स्वीकृति के बिना किसी भी फेरी वाले को क्षेत्र में घूमकर सामान बेचने की अनुमति नहीं होगी। पंचायत के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य क्षेत्र में आने वाले फेरीवालों का सत्यापन सुनिश्चित करना और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखना है।-- -- -- --
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कालाअंब (सिरमौर)। ग्राम पंचायत कालाअंब ने किन्नर समुदाय की ओर से समारोहों में लिए जाने वाले शगुन की अधिकतम राशि तय कर दी है। पंचायत के नए नियमों के तहत अब बीपीएल परिवारों से अधिकतम 1100 रुपये और अन्य परिवारों से अधिकतम 2100 रुपये शगुन लिया जा सकेगा। निर्धारित सीमा से अधिक शगुन मांगने पर संबंधित परिवार पंचायत में शिकायत कर सकता है।
ग्राम पंचायत प्रधान यशपाल शर्मा ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में किन्नर समुदाय के लिए शगुन की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। यदि कोई निर्धारित राशि से अधिक की मांग करता है तो परिवार पंचायत को इसकी सूचना दे सकता है। शिकायत मिलने पर पंचायत के नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रधान ने स्पष्ट किया कि तय राशि अधिकतम सीमा है। कोई भी परिवार अपनी इच्छा और आर्थिक क्षमता के अनुसार इससे कम या निर्धारित सीमा तक राशि स्वेच्छा से दे सकता है।
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बिना सत्यापन और अनुमति फेरी लगाने पर रोक
ग्राम पंचायत ने क्षेत्र में फेरी लगाकर सामान बेचने वालों के लिए भी नए नियम लागू किए हैं। अब पंचायत क्षेत्र में सामान बेचने वाले प्रत्येक फेरी वाले के लिए पंचायत से सत्यापन करवाना और अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
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पंचायत की स्वीकृति के बिना किसी भी फेरी वाले को क्षेत्र में घूमकर सामान बेचने की अनुमति नहीं होगी। पंचायत के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य क्षेत्र में आने वाले फेरीवालों का सत्यापन सुनिश्चित करना और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखना है।