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Sirmour News: औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत प्रवासी कामगारों के लिए मिले हॉस्टल की सुविधा
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हिमाचल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज पांवटा साहिब इकाई ने उठाई मांग
न्यूनतम वेतन में किराया और परिवार का खर्च उठाना हो रहा मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत हजारों प्रवासी कामगारों के लिए हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग तेज हो गई है। हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, पांवटा साहिब इकाई ने केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और श्रम विभाग से मांग की है कि गोंदपुर, रामपुरघाट, बातामंडी और धौलाकुआं औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए लेबर हॉस्टल का निर्माण कराया जाए, ताकि कम आय वाले कामगारों को सस्ती और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिल सके।
पांवटा साहिब के गोंदपुर, रामपुरघाट, बातामंडी और धौलाकुआं क्षेत्र में करीब 150 से अधिक छोटे-बड़े उद्योग संचालित हैं। इन उद्योगों में विभिन्न राज्यों से आए हजारों प्रवासी कामगार कार्यरत हैं। दशकों से औद्योगिक क्षेत्र में ठेकेदारी से जुड़े रामलाल शर्मा, शाहबाज खान, सुनील शर्मा, प्रदीप सिंह और मोहसीन खान ने बताया कि इन औद्योगिक इकाइयों में करीब 25 हजार कामगार कंपनी या ठेकेदारों के माध्यम से कार्य कर रहे हैं, जिनमें 6,000 से अधिक प्रवासी श्रमिक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अधिकांश कामगारों को प्रतिमाह करीब 12,750 रुपये न्यूनतम वेतन मिलता है। इसी आय से उन्हें अपने परिवार का पालन-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, राशन, बिजली-पानी और किराए का खर्च वहन करना पड़ता है। पांवटा साहिब में एक कमरे का मासिक किराया तीन से चार हजार रुपये तक होने से कम आय वाले श्रमिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक हॉस्टल बनने से हजारों कामगारों को राहत मिलेगी।
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हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, पांवटा साहिब इकाई के अध्यक्ष सतीश गोयल और महासचिव नवीन अग्रवाल ने कहा कि इस दिशा में केंद्र और प्रदेश सरकार को शीघ्र ठोस पहल करनी चाहिए। उनका कहना है कि श्रमिकों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलने से न केवल उनका जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि उद्योगों को भी स्थायी और संतुष्ट कार्यबल उपलब्ध होगा।
श्रम निरीक्षक पांवटा साहिब भूपेश कुमार शर्मा ने बताया कि चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से अभी तक लेबर हॉस्टल संबंधी कोई औपचारिक मांग प्राप्त नहीं हुई है। यदि इस संबंध में प्रस्ताव मिलता है तो उसे नियमानुसार सरकार और संबंधित विभाग को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया जाएगा।
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न्यूनतम वेतन में किराया और परिवार का खर्च उठाना हो रहा मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत हजारों प्रवासी कामगारों के लिए हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग तेज हो गई है। हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, पांवटा साहिब इकाई ने केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और श्रम विभाग से मांग की है कि गोंदपुर, रामपुरघाट, बातामंडी और धौलाकुआं औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए लेबर हॉस्टल का निर्माण कराया जाए, ताकि कम आय वाले कामगारों को सस्ती और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिल सके।
पांवटा साहिब के गोंदपुर, रामपुरघाट, बातामंडी और धौलाकुआं क्षेत्र में करीब 150 से अधिक छोटे-बड़े उद्योग संचालित हैं। इन उद्योगों में विभिन्न राज्यों से आए हजारों प्रवासी कामगार कार्यरत हैं। दशकों से औद्योगिक क्षेत्र में ठेकेदारी से जुड़े रामलाल शर्मा, शाहबाज खान, सुनील शर्मा, प्रदीप सिंह और मोहसीन खान ने बताया कि इन औद्योगिक इकाइयों में करीब 25 हजार कामगार कंपनी या ठेकेदारों के माध्यम से कार्य कर रहे हैं, जिनमें 6,000 से अधिक प्रवासी श्रमिक शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि अधिकांश कामगारों को प्रतिमाह करीब 12,750 रुपये न्यूनतम वेतन मिलता है। इसी आय से उन्हें अपने परिवार का पालन-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, राशन, बिजली-पानी और किराए का खर्च वहन करना पड़ता है। पांवटा साहिब में एक कमरे का मासिक किराया तीन से चार हजार रुपये तक होने से कम आय वाले श्रमिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक हॉस्टल बनने से हजारों कामगारों को राहत मिलेगी।
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हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, पांवटा साहिब इकाई के अध्यक्ष सतीश गोयल और महासचिव नवीन अग्रवाल ने कहा कि इस दिशा में केंद्र और प्रदेश सरकार को शीघ्र ठोस पहल करनी चाहिए। उनका कहना है कि श्रमिकों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलने से न केवल उनका जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि उद्योगों को भी स्थायी और संतुष्ट कार्यबल उपलब्ध होगा।
श्रम निरीक्षक पांवटा साहिब भूपेश कुमार शर्मा ने बताया कि चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से अभी तक लेबर हॉस्टल संबंधी कोई औपचारिक मांग प्राप्त नहीं हुई है। यदि इस संबंध में प्रस्ताव मिलता है तो उसे नियमानुसार सरकार और संबंधित विभाग को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया जाएगा।