{"_id":"6a3002f0ddb7df76230aa8d3","slug":"himachal-transport-pensioners-welfare-association-defers-agitation-nahan-news-c-177-1-ssml1028-181057-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: हिमाचल परिवहन पेंशनर्स कल्याण संगठन ने आंदोलन टाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: हिमाचल परिवहन पेंशनर्स कल्याण संगठन ने आंदोलन टाला
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल परिवहन पेंशनर्स कल्याण संगठन ने सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं को समय पर लागू नहीं किया गया तो शिमला में सरकार और निगम प्रबंधन का घेराव किया जाएगा। संगठन ने कहा कि आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
संगठन के महासचिव कन्हैया लाल ने बताया कि इस माह प्रस्तावित आंदोलन को सरकारी औपचारिकताएं पूरी करने में हुई देरी के कारण फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अब आंदोलन को 10 जुलाई तक के लिए टालने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सरकार को दी गई सीमित समय की मोहलत है। यदि तय अवधि में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पेंशनर्ज आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए संगठन की विशेष बैठक बस अड्डा पड़ाव नाहन में हुई। इसमें कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में समय पर पेंशन का भुगतान नहीं होने और तीन प्रतिशत डीए किस्त जारी न किए जाने पर नाराजगी जताई गई।
विज्ञापन
बैठक में मुख्य सलाहकार चैन सिंह, महासचिव कन्हैया लाल कौशल, गंगवीर सिंह, जय किशन, यशवंत सिंह, संत राम, रणधीर सिंह, भाग चंद, विनोद कुमार और बलबीर सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि 10 जुलाई के बाद किसी भी समय शिमला में बड़ा प्रदर्शन शुरू किया जा सकता है।
विज्ञापन
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल परिवहन पेंशनर्स कल्याण संगठन ने सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं को समय पर लागू नहीं किया गया तो शिमला में सरकार और निगम प्रबंधन का घेराव किया जाएगा। संगठन ने कहा कि आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
संगठन के महासचिव कन्हैया लाल ने बताया कि इस माह प्रस्तावित आंदोलन को सरकारी औपचारिकताएं पूरी करने में हुई देरी के कारण फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अब आंदोलन को 10 जुलाई तक के लिए टालने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सरकार को दी गई सीमित समय की मोहलत है। यदि तय अवधि में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पेंशनर्ज आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन
आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए संगठन की विशेष बैठक बस अड्डा पड़ाव नाहन में हुई। इसमें कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में समय पर पेंशन का भुगतान नहीं होने और तीन प्रतिशत डीए किस्त जारी न किए जाने पर नाराजगी जताई गई।
विज्ञापन
बैठक में मुख्य सलाहकार चैन सिंह, महासचिव कन्हैया लाल कौशल, गंगवीर सिंह, जय किशन, यशवंत सिंह, संत राम, रणधीर सिंह, भाग चंद, विनोद कुमार और बलबीर सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि 10 जुलाई के बाद किसी भी समय शिमला में बड़ा प्रदर्शन शुरू किया जा सकता है।