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Sirmour News: सुरला में 57 लोगों की एक्सरे जांच, टीबी के लक्षणों की दी जानकारी
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आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुरला में एक्सरे जांच करते एसटीएस सुरेश शर्मा। संवाद
-निक्षय शिविर में टीबी की आशंका वाले लोगों को बलगम जांच के लिए भेजा
-स्वास्थ्य विभाग ने समय पर जांच और पूरा उपचार लेने के प्रति किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुरला में आयोजित निक्षय शिविर में 57 लोगों की एक्सरे जांच की गई। शिविर के दौरान लोगों को क्षय रोग (टीबी) के लक्षणों, बचाव और समय पर जांच के महत्व की जानकारी दी गई। टीबी की आशंका वाले पांच लोगों को बलगम जांच के लिए भेजा गया, ताकि बीमारी की पुष्टि होने पर उपचार शुरू किया जा सके।
कार्यवाहक खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. छवि बंसल ने बताया कि शिविर का उद्देश्य टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करना और संभावित मरीजों की पहचान करना है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को बताया कि लगातार खांसी, बुखार, रात को पसीना आना, वजन घटना और भूख कम लगना टीबी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर जांच करवाने में देरी नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि फेफड़ों की टीबी से पीड़ित व्यक्ति के खांसने या छींकने से संक्रमण फैल सकता है। इससे बचाव के लिए खांसते समय मुंह ढकना, कमरों में हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था रखना और लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि टीबी की पुष्टि होने पर चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाओं का पूरा कोर्स लें और बीच में उपचार न छोड़ें। शिविर में एसटीएस सुरेश शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।-- -- -- -- --
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-स्वास्थ्य विभाग ने समय पर जांच और पूरा उपचार लेने के प्रति किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुरला में आयोजित निक्षय शिविर में 57 लोगों की एक्सरे जांच की गई। शिविर के दौरान लोगों को क्षय रोग (टीबी) के लक्षणों, बचाव और समय पर जांच के महत्व की जानकारी दी गई। टीबी की आशंका वाले पांच लोगों को बलगम जांच के लिए भेजा गया, ताकि बीमारी की पुष्टि होने पर उपचार शुरू किया जा सके।
कार्यवाहक खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. छवि बंसल ने बताया कि शिविर का उद्देश्य टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करना और संभावित मरीजों की पहचान करना है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को बताया कि लगातार खांसी, बुखार, रात को पसीना आना, वजन घटना और भूख कम लगना टीबी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर जांच करवाने में देरी नहीं करनी चाहिए।
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उन्होंने बताया कि फेफड़ों की टीबी से पीड़ित व्यक्ति के खांसने या छींकने से संक्रमण फैल सकता है। इससे बचाव के लिए खांसते समय मुंह ढकना, कमरों में हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था रखना और लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि टीबी की पुष्टि होने पर चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाओं का पूरा कोर्स लें और बीच में उपचार न छोड़ें। शिविर में एसटीएस सुरेश शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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