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10 घंटे बंद रही चार सड़कें, दर्जनों वाहन फंसे
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सतौन (सिरमौर)। जिले में वीरवार को मूसलाधार बारिश से कई मार्ग अवरुद्ध हो गए। गिरिपार क्षेत्र में चार सड़कें एक साथ बंद हो गई। इससे मार्ग में आवाजाही कर रहे लोग फंस गए। वीरवार को लगभग 10 घंटे तक आवाजाही बंद रही। आपदा प्रबंधन को लेकर पहले से तैयार रहने के तमाम दावे खोखले साबित हुए हैं। बरसात को लेकर अधिकारिक तौर पर बैठकें शुरू हो गई थी और विभागों को अलर्ट पर रखा गया था।
इसके बावजूद मार्ग बहाल करने में देरी से सैकड़ों लोग फंस गए। मार्ग बहाल करने के लिए लोनिवि की मशीनरी सुबह दस बजे के बाद ही मौके पर पहुंची और राहत बचाव कार्य शुरू किया। वीरवार को बरसात से सतौन के आसपास सतौन-रेणुकाजी सड़क, मानल-कोडग़ा, मानल-कांटीमश्वा, सतौन-भटरोग सड़क बंद रही। सतौन-रेणुकाजी मार्ग पर तीन जगह भूस्खलन हुआ। सड़क पर भारी मलबा आने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। सड़क यात्रा पर निकले लोग मझधार में फंस गए। कई लोगों ने रास्ता बदल लिया तो कई घरों को लौट गए। वीरवार शाम तक सड़क से हटाया गया। इसके अलावा कांटी मशवा, कोडग़ा सड़क भी मलबा आने से बंद हो गई थी। ग्रामीण शशि कपूर, प्रदीप कुमार, सुनील कुमार, बाबू राम, माम राज, रमेश चंद, सुनील कंवर, अजय कंवर आदि ने बताया कि सड़क सुबह तड़के ही बंद हो गई थी। लेकिन विभाग की कोई मौके पर कोई मशीन नहीं थी। 10 बजे के बाद ही मशीन मौके पर पहुंची। अधिकतर ग्रामीण अपने गंतव्य की ओर नहीं जा सके। ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग सतौन रेणुकाजी सड़क पर मशीनों के लिए तैनात करें। उधर, सतौन सब डिवीजन के कनिष्ठ अभियंता आतिश ठाकुर सुबह से ही सड़क खोलने के लिए मौके पर मौजूद रहे। कनिष्ठ अभियंता आतिश ठाकुर ने बताया कि वीरवार को भारी बरसात होने से रेणुका जी, कांटी मशवा, कोडग़ा और भटरोग सड़क बंद हो गई थी। सड़कों से मलबा हटाने के लिए मशीनों को लगया गया है। उन्होंने बताया कि सड़क पर काफी मलबा गिरे होने की वजह से इन्हें शाम तक बहाल किया जा सकेगा।
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इसके बावजूद मार्ग बहाल करने में देरी से सैकड़ों लोग फंस गए। मार्ग बहाल करने के लिए लोनिवि की मशीनरी सुबह दस बजे के बाद ही मौके पर पहुंची और राहत बचाव कार्य शुरू किया। वीरवार को बरसात से सतौन के आसपास सतौन-रेणुकाजी सड़क, मानल-कोडग़ा, मानल-कांटीमश्वा, सतौन-भटरोग सड़क बंद रही। सतौन-रेणुकाजी मार्ग पर तीन जगह भूस्खलन हुआ। सड़क पर भारी मलबा आने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। सड़क यात्रा पर निकले लोग मझधार में फंस गए। कई लोगों ने रास्ता बदल लिया तो कई घरों को लौट गए। वीरवार शाम तक सड़क से हटाया गया। इसके अलावा कांटी मशवा, कोडग़ा सड़क भी मलबा आने से बंद हो गई थी। ग्रामीण शशि कपूर, प्रदीप कुमार, सुनील कुमार, बाबू राम, माम राज, रमेश चंद, सुनील कंवर, अजय कंवर आदि ने बताया कि सड़क सुबह तड़के ही बंद हो गई थी। लेकिन विभाग की कोई मौके पर कोई मशीन नहीं थी। 10 बजे के बाद ही मशीन मौके पर पहुंची। अधिकतर ग्रामीण अपने गंतव्य की ओर नहीं जा सके। ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग सतौन रेणुकाजी सड़क पर मशीनों के लिए तैनात करें। उधर, सतौन सब डिवीजन के कनिष्ठ अभियंता आतिश ठाकुर सुबह से ही सड़क खोलने के लिए मौके पर मौजूद रहे। कनिष्ठ अभियंता आतिश ठाकुर ने बताया कि वीरवार को भारी बरसात होने से रेणुका जी, कांटी मशवा, कोडग़ा और भटरोग सड़क बंद हो गई थी। सड़कों से मलबा हटाने के लिए मशीनों को लगया गया है। उन्होंने बताया कि सड़क पर काफी मलबा गिरे होने की वजह से इन्हें शाम तक बहाल किया जा सकेगा।
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