फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   electricity board employees meet to dc

Sirmour News: कर्मठ, समर्पित, सेवाभावी कर्मचारियों को धमकाने की शिकायत

Wed, 03 Sep 2025 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Sep 2025 11:58 PM IST
विज्ञापन
electricity board employees meet to dc
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड जिलाा सिरमौर काप्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते
बिजली बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त और एसपी को सौंपा ज्ञापन
विज्ञापन

आपदा के दौर में बोर्ड के बद्रीपुर कार्यालय पहुंच कर धमकाने से उखड़े
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/पांवटा साहिब(सिरमौर)। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल नाहन में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सिरमौर से मिला। इस दौरान पांवटा साहिब में तथाकथित किसानों की ओर से पांवटा साहिब विद्युत बोर्ड कार्यालय में घुसपैठ, कर्मचारियों को धमकाने और भ्रामक प्रचार करने की शिकायत की है। शिकायत में आरोप लगाया है कि विद्युत बोर्ड की गरिमा को धूमिल करने, कर्मचारियों का मनोबल तोड़ना और आम जनता को भड़काने के प्रयास हो रहे हैं। ऐसी प्रवृत्ति किसी भी सभ्य समाज और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घोर चिंताजनक है।

बुधवार को बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता विरेंद्र शर्मा, वरिष्ठ अधिशासी अभियंता पांवटा साहिब अंशुल ठाकुर, सहायक अभियंता धौलाकुआं सुमित चौधरी, सहायक अभियंता पांवटा साहिब अंकुर शर्मा, मुकेश चौधरी, रविशंकर, अरुण दीप सिंह, सुमित चौधरी व गुरदत सिंह चौहान समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन

प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त तथा एसपी सिरमौर को ज्ञापन सौंपा है इसमें कहा कि मंगलवार को तथाकथित किसानों के एक समूह ने हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, वरिष्ठ अधिशासी अभियंता कार्यालय बद्रीपुर में जबरन प्रवेश किया। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को डराया-धमकाया है। इस तरह की दबंगई की घटना से साफ है कि इनका उद्देश्य केवल विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों का मनोबल तोड़ना और आम जनता को भड़काना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रतिनिधिमंडल में शामिल बिजली बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियोंं ने कहा कि भारी बरसात के चलते आपदा की स्थिति बनी हुई है। बिजली बोर्ड का कार्य आसान नहीं है। हर विकट हालत के बावजूद कर्मचारी कठिन पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों में, तेज वर्षा, बर्फबारी, भूस्खलन, गिरते हुए पेड़-पौधों और टूटते हुए खंभों के बीच अपनी जान की बाजी लगाकर बिजली आपूर्ति को बनाए रखते हैं। भयंकर वर्षा एवं आपदा के समय भी जब सड़कें टूटीं, गांव कट गए, पुल बह गए तब सबसे पहले बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रोशनी बहाल की है। बिजली पहुंचाने के लिए कर्मचारियों ने अपनी नींद, भोजन और परिवार की परवाह किए बिना कार्य किया।
बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि सरकारी कार्यालय में दबंगई करना और कानून को अपने हाथ में लेना, लोकतांत्रिक समाज में इस तरह की गतिविधियों के लिए ठीक नहीं है।

इसके लिए तथाकथित किसान मोर्चा के लोग सार्वजनिक रूप से अपनी भूल स्वीकार कर क्षमा मांगे। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में विद्युत आपूर्ति में आई बाधा को बहाल करना संभव नहीं है। यह निर्णय बिजली बोर्ड कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और मनोबल की रक्षा को लिया गया है।

संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed