फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   dugad avhisheetam center locked

Sirmour News: बेडोन के दुग्ध अभिशीतन केंद्र में 10 वर्षों से लटका ताला

Sat, 25 Apr 2026 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
dugad avhisheetam center locked
रेणुकाजी के बेडोण में बंद पड़ा दुग्ध अभिशीतन केंद्र। संवाद
खास खबर-
विज्ञापन




-क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों को नहीं मिल रहे दूध के उचित दाम

-चिलिंग प्लांट सुविधा न होने से निजी डेयरियों में दूध बेचने को मजबूर

योगेंद्र अग्रवाल

ददाहू (सिरमौर)। प्रदेश सरकार की ओर से दुग्ध उत्पादकों को दी जा रही सुविधाओं के दावे रेणुकाजी क्षेत्र के लोगों के लिए खोखले साबित हो रहे हैं। क्षेत्र में कहीं भी दुग्ध अभिशीतन केंद्र न होने से दुग्ध उत्पादकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्हें अपने दूध की खपत के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। यही नहीं पशुपालकों को दूध के उचित दाम भी नहीं मिल रहे हैं।

दरअसल, राज्य दुग्ध प्रसंघ की ओर से रेणुकाजी के बेडोन में स्थापित दुग्ध अभिशीतन केंद्र ( चिलिंग प्लांट) में पिछले 10 वर्षों से ताला लटका हुआ है। यहां मशीनें व अन्य उपकरण जंग खा चुके हैं। विभाग पर किराए की देनदारी भी निरंतर बढ़ती जा रही है। करीब 3000 लीटर की क्षमता वाले उस चिलिंग प्लांट को विभाग ने दोबारा शुरू करने का प्रयास तक नहीं किया। कर्मचारियों का अभाव व घाटे कि नाम देकर विभाग ने इसे बंद कर दिया गया।
विज्ञापन


उधर, पशुपालकों से दूध आज भी 32 से 36 रुपये प्रति लीटर बीच खरीद कर उसे निजी डेयरी में 60 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है। इससे किसानों के फीड व पशुचारे के दाम भी पूरे नहीं हो रहे हैं। उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। ददाहू-रेणुकाजी क्षेत्र में करीब 15 दुग्ध समितियां दूध का कारोबार कर रहीं हैं। इनके माध्यम से करीब 1,500 लीटर दूध की प्रतिदिन खरीद फरोख्त की जा रही है। चिलिंग प्लांट सुचारू न होने से उनको मजबूरन अपना दूध औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ददाहू से लगती सैनधार क्षेत्र की करीब आधा दर्जन पंचायतों सहित चांदनी और साथ लगती अन्य पंचायतों में दूध का उत्पादन लगातार बढ़ता ही जा रहा। खपत न होने से पशुपालक चिंतित है। दुग्ध उत्पादक मोहन पाल, दलीप, ओम प्रकाश, संदीप, मदन, रमेश चंद, राजेंद्र, पूर्ण सिंह, चमन लाल व जगदीश ने बताया कि उन्होंने अपनी आजीविका को चलाने के लिए दुधारु पशुओं को पालना शुरू तो किया लेकिन क्षेत्र में कहीं भी डेयरी की व्यवस्था न होने से उन्हें दूध बेचने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

कुछ एक किसानों ने गाय व भैंस लेने के लिए बैंकों से ऋण तक ले रखें हैं जिनको किस्तें चुकाना भारी पड़ने लगी हैं। दूध उत्पादकों ने क्षेत्र में चिलिंग प्लांट स्थापित करने या पुराने चिलिंग प्लांट को ही पुनः शुरू करने की मांग की है।


---

इनसेट--

प्लांट को खोलने के प्रयास जारी

रेणुकाजी में पूर्व में स्थापित चिलिंग प्लांट को बंद कर दिया गया है। इसे फिर सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसको लेकर पत्राचार भी किया गया है। आदेश मिलते ही शीघ्र अति शीघ्र सर्वेक्षण करवा कर प्लांट दोबारा स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि दुग्ध उत्पादकों को सुविधा मिल सके।

-देवांश जस्सवाल, जिला प्रबंधक राज्य दुग्ध प्रसंघ, नाहन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed