{"_id":"66341f0e71845d6a84053ea4","slug":"doiyanwala-dam-on-the-verge-of-drying-up-due-to-accumulation-of-silt-nahan-news-c-177-1-nhn1001-123595-2024-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: गाद जमा होने से सुखने की कगार पर पंहुचा डोईयांवाला बांध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: गाद जमा होने से सुखने की कगार पर पंहुचा डोईयांवाला बांध
Fri, 03 May 2024 04:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Fri, 03 May 2024 04:47 AM IST
विज्ञापन
धौलाकुआं (सिरमौर)। गिरी विद्युत परियोजना के पानी का प्रयोग कर किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए डोईयांवाला बांध पिछले कुछ सालों से अनदेखी का शिकार हो रहा है। आलम यह है कि अब बांध सुखने की कगार पर पहुंच गया है, जिसके चलते उक्त बांध से हजारों बीघा जमीन की सिंचाई करने वाले किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। गर्मियां शुरू हो गई हैं और अब गेहूं की फसल की कटाई के बाद धान की रोपाई का सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन पानी की चिंता अभी से किसानों के दिमाग में चल रही है।
डोईयांवाला बांध में गाद (शिल्ट) जमा हो ने के कारण बांध सुखने की कगार पर है। गिरी विद्युत परियोजना में बरसात के दिनों पानी में मिट्टी युक्त गाद आने से बांध साल दर साल भरना शुरू हो गया। अब आलम यह है कि बांध चारों और से 10 और 15 फुट तक भर चुका है। ऐसे में यहां जल स्तर घट रहा है। जिसके चलते पांवटा क्षेत्र की दो सिंचाई योजना आरबीसी और एलबीसी को सिंचाई के लिए नियमित पानी नहीं मिल पाता।
बता दें कि वर्ष 1964 में उक्त बांध का निर्माण हुआ। बीते वर्षों विभाग ने बांध के रख रखाव और सिंचाई योजना की मरम्मत के लिए 110 करोड़ की डीपीआर तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेजी थी लेकिन किसी कारणवश वह वापस आ गई। इन दिनों गर्मियां शुरू होते ही गिरी नदी का जलस्तर घटने से विद्युत परियोजना मात्र 5 या 6 घटे ही चल रही है, उतनी ही देर तक योजनाओं में पानी चलता है जिसके कारण सिंचाई के लिए प्रर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। स्थानीय किसानों पाल सिंह, मनोहर, फूल चंद, हीरा सिंह आदि ने मांग उठाई है कि उक्त मामले में विभाग जल्द ही कार्रवाई करे ताकि आने वाले समय में समस्या का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
कोट
बांध में गाद निकालने के लिए डीपीआर तैयार की गई है। अचार संहिता के बाद स्वीकृति के लिए सरकार को भेजी जाएगी।
-मनीष भारद्वाज, सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग
विज्ञापन
डोईयांवाला बांध में गाद (शिल्ट) जमा हो ने के कारण बांध सुखने की कगार पर है। गिरी विद्युत परियोजना में बरसात के दिनों पानी में मिट्टी युक्त गाद आने से बांध साल दर साल भरना शुरू हो गया। अब आलम यह है कि बांध चारों और से 10 और 15 फुट तक भर चुका है। ऐसे में यहां जल स्तर घट रहा है। जिसके चलते पांवटा क्षेत्र की दो सिंचाई योजना आरबीसी और एलबीसी को सिंचाई के लिए नियमित पानी नहीं मिल पाता।
विज्ञापन
बता दें कि वर्ष 1964 में उक्त बांध का निर्माण हुआ। बीते वर्षों विभाग ने बांध के रख रखाव और सिंचाई योजना की मरम्मत के लिए 110 करोड़ की डीपीआर तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेजी थी लेकिन किसी कारणवश वह वापस आ गई। इन दिनों गर्मियां शुरू होते ही गिरी नदी का जलस्तर घटने से विद्युत परियोजना मात्र 5 या 6 घटे ही चल रही है, उतनी ही देर तक योजनाओं में पानी चलता है जिसके कारण सिंचाई के लिए प्रर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। स्थानीय किसानों पाल सिंह, मनोहर, फूल चंद, हीरा सिंह आदि ने मांग उठाई है कि उक्त मामले में विभाग जल्द ही कार्रवाई करे ताकि आने वाले समय में समस्या का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
कोट
बांध में गाद निकालने के लिए डीपीआर तैयार की गई है। अचार संहिता के बाद स्वीकृति के लिए सरकार को भेजी जाएगी।
-मनीष भारद्वाज, सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग