{"_id":"662fa87783ae9352b80b53b5","slug":"dog-and-monkey-problem-in-ponta-sahib-nahan-news-c-177-1-ssml1030-123406-2024-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: मार्च माह में 235 कुतोंं, बंदरों व सांप द्वारा काटने का मामले पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: मार्च माह में 235 कुतोंं, बंदरों व सांप द्वारा काटने का मामले पहुंचे
विज्ञापन
सिविल अस्पताल पांवटा साहिब: संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांवटा व आसपास क्षेत्रों में बढ़ते जा रहे कुत्तों के काटने के मामले
मार्च माह में 235 कुतोंं, बंदरों व सांप द्वारा काटने का मामले पहुंचे
आवारा कुतों के झुंड राहगीरों, छोटे वाहन चालकों पर कर रहे हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। पांवटा उप मंडल व शिलाई समेत आसपास लगते क्षेत्रों में कुत्तों एवं बंदरों की ओर से काटने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मार्च माह में ही सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में करीब 235 ऐसे मामले पहुंचे हैं। लगातार बढ़ते मामलों से क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ना लाजमी है। इस गंभीर मुद्दे पर चिंतन कर, कुत्तों व बंदरों के नसबंदी अभियान शुरू करने की मांग उठने लगी है।
पांवटा निवासी समाजसेवी मनिंद्र सिंह मन्नी, कपिल निखिल, प्रदीप कुमार, भरत राणा, पंकज भटनागर व सुनील चौधरी ने बताया कि लगातार लावारिस कुत्तों व बंदरों की संख्या बढ़ती जा रही है। देर रात को तो कुत्तों के झुंंड दोपहिया या कार समेत वाहनों के पीछे दौड़ते हैं। दोपहिया वाहन चालक कई बार हड़बड़ा जाते हैं। ऐसे में लावारिस कुत्ते काटते भी हैं। शहरी क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों के काटने की भी लगातार मामले बढ़ रहे हैं। पांवटा साहिब और शिलाई क्षेत्र तथा साथ लगते उत्तराखंड के कुछ गांवों से भी सिविल अस्पताल में उपचार करवाने के लिए मामले पहुंच रहे हैं। इसलिए स्थानीय प्रशासन, नगर परिषद कमेटी तथा वन विभाग को इस गंभीर व जानलेवा होते जा रहे मुद्दे पर समय रहते सोचना होगा। कुत्ते के काटने के मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेबीज टीकाकरण के प्रोटोकॉल के बारे में भी जनता को जागरूक किया जाए।
सिविल अस्पताल पांवटा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पीयूष तिवारी ने कहा कि मार्च माह में 235 ऐसे मामले पहुंचे हैं जिसमें बंदरों के काटने के करीब 21 और एक स्नेक बाइक मामला रहा है। इसमें सबसे ज्यादा कुत्ते के काटे के मामले पहुंचे हैं। गनीमत ये रही है समय पर उपचार शुरू होने से किसी की मौत नहीं हुई है।
विज्ञापन
बाक्स...
अस्पताल में उपचार की पूरी व्यवस्था : डॉ. सुधी गुप्ता
- सिविल अस्पताल पांवटा के प्रभारी डॉ. सुधी गुप्ता ने पुष्टि करते हुए कहा कि
ऐसे मामलों में उपचार की पूरी सुविधाएं हैं। इम्यूनोग्लोबोलीन टीका, एंटी रैबिज
(एआरवी)टीका, टेटनेस टीका शामिल है। इस तरह के मरीजों का सिविल अस्पताल में फ्री उपचार है।
बाक्स...
कुतों-बंदरों को पकड़ने के अभियान पर होगी चर्चा : एसडीएम
- एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। इस विषय पर नगर परिषद पांवटा, वन विभाग, वैटनरी व स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त बैठक कर विचार मंथन किया जाएगा। लोकसभा चुनाव के उपरांत कुत्तों व बंदरों को पकड़ने एवं नसबंदी का अभियान चलाया जाएगा।
संवाद
....
विज्ञापन
मार्च माह में 235 कुतोंं, बंदरों व सांप द्वारा काटने का मामले पहुंचे
आवारा कुतों के झुंड राहगीरों, छोटे वाहन चालकों पर कर रहे हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। पांवटा उप मंडल व शिलाई समेत आसपास लगते क्षेत्रों में कुत्तों एवं बंदरों की ओर से काटने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मार्च माह में ही सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में करीब 235 ऐसे मामले पहुंचे हैं। लगातार बढ़ते मामलों से क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ना लाजमी है। इस गंभीर मुद्दे पर चिंतन कर, कुत्तों व बंदरों के नसबंदी अभियान शुरू करने की मांग उठने लगी है।
पांवटा निवासी समाजसेवी मनिंद्र सिंह मन्नी, कपिल निखिल, प्रदीप कुमार, भरत राणा, पंकज भटनागर व सुनील चौधरी ने बताया कि लगातार लावारिस कुत्तों व बंदरों की संख्या बढ़ती जा रही है। देर रात को तो कुत्तों के झुंंड दोपहिया या कार समेत वाहनों के पीछे दौड़ते हैं। दोपहिया वाहन चालक कई बार हड़बड़ा जाते हैं। ऐसे में लावारिस कुत्ते काटते भी हैं। शहरी क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों के काटने की भी लगातार मामले बढ़ रहे हैं। पांवटा साहिब और शिलाई क्षेत्र तथा साथ लगते उत्तराखंड के कुछ गांवों से भी सिविल अस्पताल में उपचार करवाने के लिए मामले पहुंच रहे हैं। इसलिए स्थानीय प्रशासन, नगर परिषद कमेटी तथा वन विभाग को इस गंभीर व जानलेवा होते जा रहे मुद्दे पर समय रहते सोचना होगा। कुत्ते के काटने के मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेबीज टीकाकरण के प्रोटोकॉल के बारे में भी जनता को जागरूक किया जाए।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल पांवटा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पीयूष तिवारी ने कहा कि मार्च माह में 235 ऐसे मामले पहुंचे हैं जिसमें बंदरों के काटने के करीब 21 और एक स्नेक बाइक मामला रहा है। इसमें सबसे ज्यादा कुत्ते के काटे के मामले पहुंचे हैं। गनीमत ये रही है समय पर उपचार शुरू होने से किसी की मौत नहीं हुई है।
विज्ञापन
बाक्स...
अस्पताल में उपचार की पूरी व्यवस्था : डॉ. सुधी गुप्ता
- सिविल अस्पताल पांवटा के प्रभारी डॉ. सुधी गुप्ता ने पुष्टि करते हुए कहा कि
ऐसे मामलों में उपचार की पूरी सुविधाएं हैं। इम्यूनोग्लोबोलीन टीका, एंटी रैबिज
(एआरवी)टीका, टेटनेस टीका शामिल है। इस तरह के मरीजों का सिविल अस्पताल में फ्री उपचार है।
बाक्स...
कुतों-बंदरों को पकड़ने के अभियान पर होगी चर्चा : एसडीएम
- एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। इस विषय पर नगर परिषद पांवटा, वन विभाग, वैटनरी व स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त बैठक कर विचार मंथन किया जाएगा। लोकसभा चुनाव के उपरांत कुत्तों व बंदरों को पकड़ने एवं नसबंदी का अभियान चलाया जाएगा।
संवाद
....