{"_id":"671f8f4aec6bca9ad20b48e5","slug":"diwali-programme-in-prem-nagar-school-nahan-news-c-177-1-ssml1028-135523-2024-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: प्रेमनगर स्कूल में थाली, दीया और रंगोली सजावट का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: प्रेमनगर स्कूल में थाली, दीया और रंगोली सजावट का आयोजन
विज्ञापन
प्रेमनगर स्कूल में थाली-दीया सजावट स्पर्धा के दौरान शिक्षक व विद्यार्थी। संवाद
सचित्र--
प्रेमनगर स्कूल में थाली, दीया और रंगोली सजावट का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राजकीय प्राथमिक पाठशाला प्रेमनगर में दिवाली से पूर्व बच्चों ने थाली सजावट, दीया सजावट और रंगोली का आयोजन किया गया। पाठशाला की अध्यापिका सृष्टि शर्मा ने बच्चों से घर पर उपलब्ध सामान से थाली और दीपक बनवाया। इसके बाद रंगोली स्पर्धा भी आयोजित की गई।
दीया, थाली और रंगोली सजावट में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी बच्चों को वार्षिक उत्सव में सम्मानित करने का भी निर्णय लिया। पाठशाला की अध्यापिका सृष्टि शर्मा की ओर से तैयार बच्चों ने बड़े ही सुंदर और आकर्षक ढंग से दीया और थाली रंगोली बनाई। पाठशाला के प्रभारी मायाराम शर्मा ने बताया कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों को दिवाली के महत्व एवं हमारी प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का ज्ञान होता है। इस तरह की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
-- -संवाद
विज्ञापन
प्रेमनगर स्कूल में थाली, दीया और रंगोली सजावट का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राजकीय प्राथमिक पाठशाला प्रेमनगर में दिवाली से पूर्व बच्चों ने थाली सजावट, दीया सजावट और रंगोली का आयोजन किया गया। पाठशाला की अध्यापिका सृष्टि शर्मा ने बच्चों से घर पर उपलब्ध सामान से थाली और दीपक बनवाया। इसके बाद रंगोली स्पर्धा भी आयोजित की गई।
दीया, थाली और रंगोली सजावट में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी बच्चों को वार्षिक उत्सव में सम्मानित करने का भी निर्णय लिया। पाठशाला की अध्यापिका सृष्टि शर्मा की ओर से तैयार बच्चों ने बड़े ही सुंदर और आकर्षक ढंग से दीया और थाली रंगोली बनाई। पाठशाला के प्रभारी मायाराम शर्मा ने बताया कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों को दिवाली के महत्व एवं हमारी प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का ज्ञान होता है। इस तरह की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
विज्ञापन