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एचआरटीसी को रोडवेज का दर्जा देने की मांग
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
Updated Mon, 23 May 2016 10:42 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : AmarUjala
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नाहन (सिरमौर)। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एचआरटीसी की कर्मचारी यूनियनों ने सोमवार को गेट मीटिंग की। इस दौरान कर्मचारियों ने निगम प्रशासन व परिवहन मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुुक्त समन्वय समिति ने परिवहन को रोडवेज का दर्जा देने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
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साथ ही कर्मचारियों के वेतन व भत्तों के अलावा अन्य वित्तीय लाभ जल्द देने की भी सिफारिश की। जेसीसी की प्रदेश कार्यकारिणी के आदेशानुसार सोमवार को नाहन में संयुक्त समन्वय समिति के दलगंजन सिंह, मेघराम व चंद्रमणी ने कर्मचारियों के साथ विभिन्न मांगों पर मंथन किया। साथ ही 26 मई को शिमला में होने वाले घेराव व प्रदर्शन के बारे में भी रणनीति तैयार की।
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जेसीसी के अध्यक्ष रघुवीर सिंह व प्रधान कन्हैयालाल ने कहा कि पिछले काफी समय से उनकी मांगों पर निगम प्रशासन गौर नहीं कर रहा है। कर्मचारियों का रात्रि भत्ता पिछले डेढ़ साल से पेंडिंग है। पीसमेल वर्करों का न तो वेतन बढ़ाया गया है, न ही उन्हें अनुबंध में लाया है। पीसमेल वर्कर आर्थिक बोझ तले दब रहे हैं। वहीं कर्मचारियों का वेतन व पेंशन भी समय पर नहीं मिलता। उन्होंने मांग की कि निगम में सभी श्रेणियों की भर्ती अनुबंध के तहत की जाए। अवैध बस संचालन पर रोक लगाई जाए। निगम प्रबंधन द्वारा भविष्य निधि कोष से खर्च किए गए 150 करोड़ रुपये तुरंत कोष में जमा कराए जाएं। इस मौके पर महासचिव शुपाराम, बीएमएस के सुरेश कुमार, जय किशन, जुल्फीकार, हेमराज गुप्ता, ओमप्रकाश व बंसीराम समेत 150 के करीब कर्मचारी उपस्थित थे।
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