फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   cultural activity

बहनों ने मांगी भाइयों की लंबी उम्र की दुआ

Mon, 16 Nov 2020 10:24 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Nov 2020 10:24 PM IST
विज्ञापन
cultural activity
नाहन में भैया दूज पर्व पर अपनी भाई का मुंह मीठा करती एक बहन। - फोटो : NAHAN
नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय नाहन सहित जिलाभर में सोमवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित भैया दूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मुबारक मौके पर बहनों ने भाई को तिलक कर भगवान से उनकी लंबी उम्र, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, भाइयों ने भी बहन को रक्षा का वचन देते हुए उन्हें शगुन के रूप में उपहार दिए। इस पर्व को लेकर कुछ लोगों ने शुभ मुहूर्त का इंतजार किया। जबकि बहुत से लोगों ने शुभ-अशुभ मुहूर्त को दरकिनार कर सुबह से ही इस पर्व का आनंद लिया। विवाहित महिलाएं इस पावन पर्व पर मायके आईं और भाइयों को तिलक किया।
विज्ञापन

उधर, इस मौके पर बसों में भी भीड़ रही। विशेषकर महिलाएं मुफ्त बस सेवा को लेकर काफी उत्सुक दिखाई दीं। जिला में रात भर से बारिश हो रही थी बावजूद इसके बस अड्डे पर लोग सुबह से ही जुटने शुरू हो गए थे जिनमें अधिकांश संख्या महिलाओं की रही लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जहां इक्का-दुक्का बसें ही चलती हैं, वहां महिलाओं को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भैया दूज पर्व पर घरों पर मेहमानों का आना-जाना लगा रहा। मेहमानों के स्वागत के लिए पकवान बनाए गए। बच्चों ने भी घर में खूब आनंद उठाया। इस खास पर्व पर सुबह से ही तिलक लगवाने के लिए भाई-बहनों का एक-दूसरे के घर आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। ज्यादातर सरकारी कार्यालयों से कर्मचारी भी अवकाश पर रहे।
विज्ञापन

जिला के धारटीधार, सैनधार और गिरिपार क्षेत्र में भैया दूज पर्व पुरानी परंपराओं को निर्वाह करते हुए मनाया गया। भैया दूज के अवसर पर धारटीधार और सैनधार क्षेत्र के सभी दामाद अपने सास-ससुर के लिए दिवाली की भेंट लेकर अपने ससुराल पहुंचे जहां दामादों का सास-ससुर ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

गौरतलब है कि भैयादूज के दिन का ससुराल वालों और उनके दामादों के लिए विशेष महत्व होता है। इस दिन सभी दामाद चावल और अखरोट की भेंट लेकर अपने-अपने ससुराल पहुंचते हैं। शाम को भोजन करने से पूर्व दामाद अपनी परंपरा का निर्वाह करता है। इसके बाद ही खील-बताशे और मूड़ी का आनंद लिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed