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बिना नोटिस दवा कंपनी ने निकाले 21 कामगार
अमर उजाला ब्यूराो धौलाकुआं/ राजपुर
Updated Wed, 15 Mar 2017 11:09 PM IST
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धौलाकुआं/ राजपुर (सिरमौर)। उपमंडल पांवटा के तहत औद्योगिक क्षेत्र माजरी में चल रही एक दवा कंपनी ने 21 युवक और युवतियों को बिना नोटिस नौकरी से निकाल दिया है। मजदूरों की मांगों को मानने की बजाय कंपनी प्रबंधन के इस कदम को लेकर कामगारों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। अपने हक के लिए कामगारों ने आंदोलनात्मक रुख अख्तियार करते हुए हल्ला बोल दिया है। श्रम विभाग को इसकी शिकायत की गई है। इसके बाद विभाग ने कंपनी को नोटिस जारी कर दिया है।
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कंपनी से अपना हक मांग रहे सभी कामगारों को फर्म ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह सभी पिछले काफी वर्षों से इस फर्म में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बुधवार को फर्म ने नोटिस दिए बगैर ही सभी को निकाल दिया। कामगार गीता, अंजली, भीमा देवी, समिलता, पूजा देवी, गीता राम, चमन, मनोज, परमजीत आदि ने बताया कि उनका न तो ईपीएफ कटता है और न ही ईएसआई की सुविधा मिल रही है। यहां तक कि छुट्टी तक नहीं मिल पाती। उन्होंने बताया कि जब हम अपना हक मांगने गए तो बिना किसी नोटिस के फर्म से बाहर कर दिया।
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उधर, प्रदेश मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने कहा कि दवा इकाई में हिमाचल के कामगारों के साथ हो रहे शोषण को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर कंपनी प्रबंधक इन कामगारों की मांगें एवं हक नहीं देती है तो इसकी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से की जाएगी। प्रदेश श्रम अधिकारी को भी मामले से अवगत करवाया जाएगा। जब तक कंपनी के सभी मजदूरों को एक समान न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह इन सभी कामगारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।
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उधर, श्रम विभाग के इंस्पेक्टर मुकेश जांख्यान ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन को 22 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया है। तब तक मजदूरों की जायज मांगों को मानना होगा। अन्यथा विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।