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ट्रक दीवार से टकराया, सात घायल
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
Updated Mon, 18 Jul 2016 11:25 PM IST
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बरात पर चढ़ा ट्रक
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नाहन (सिरमौर)। पत्थरों से लदा एक ट्रक सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे उसमें सवार सात लोग घायल हो गए। घायलों का डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। दो को गंभीर चोटें आई हैं।
जानकारी के अनुसार पत्थरों से लदा एक ट्रक सोमवार को नाहन आईटीआई के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ट्रक के ब्रेक फेल होने से यह हादसा पेश आया। गनीमत रही कि चालक ने अपनी सूझबूझ से ट्रक को एक सुरक्षा दीवार से टकरा दिया, अन्यथा ट्रक आबादी वाले इलाके में घुस सकता था। वहीं राहगीरों को भी राैंध सकता था। ट्रक के दीवार से टकराने से यहां पार्क किया एक स्कूटर क्षतिग्रस्त हो गया।
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बताया जा रहा है कि यह ट्रक राजस्थान से पत्थरों को लोड कर बिरोजा फैक्ट्री की तरफ जा रहा था। नाहन से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर उतराई वाली सड़क पर ट्रक के ब्रेक फेल हो गए। इस ट्रक में राजस्थान के चालक व परिचालक के अलावा स्थानीय गोबिंदगढ़ मोहल्ला के अन्य पांच लोग भी सवार थे। ट्रक को अनलोड करने के लिए इन लोगों को ले जाया जा रहा था। इस हादसे में राजस्थान निवासी ट्रक चालक नीम राम व कंडक्टर राजेंद्र सिंह के अलावा गोविंदगढ़ मोहल्ला के इकबाल सिंह, दीप सिंह, किरता सिंह, मानसिंह व करतार सिंह को चोटें आई हैं।
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उधर, पुलिस थाना नाहन में मामला दर्ज कर लिया है। एसएचओ सदर थाना नाहन तिलकराज शांडिल ने बताया कि ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। घायलों को मेडिकल कॉलेज नाहन में उपचार दिया जा रहा है।
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इमरजेंसी मात्र एक डॉक्टर के सहारे
डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में इमरजेंसी सेवाएं सिर्फ एक डॉक्टर के सहारे हैं। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को ट्रक हादसे के घायलों को मेडिकल कॉलेज में पहुंचाया गया। इस दौरान भी डॉक्टर को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कई बार इमरजेंसी के समय एक डॉक्टर की तैनाती से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कई मरीजों व उनके तीमारदारों ने इमरजेंसी के समय डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की मांग की है ताकि हादसे में घायलों व अन्य मरीजों को जांच संबंधी बेहतर सुविधा मिल सके।
उधर, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. केके पराशर ने माना कि इमरजेंसी में एक डॉक्टर की ड्यूटी लगाई है लेकिन डे व नाइट ड्यूटी में डाक्टरों का बदलाव किया जाता है।