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डॉक्टर हड़ताल पर, बिना इलाज लौटे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो,नाहन
Updated Mon, 23 Jan 2017 11:04 PM IST
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कलेक्ट्रेट में नारेबाजी करते डॉक्टर।
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नाहन (सिरमौर)। चिकित्सकों के साथ हो रही हिंसक घटनाओं के विरोध और मेडिपर्सन एक्ट को गैर जमानती बनाने की मांग पूरी नहीं होने पर चिकित्सकों का गुस्सा फूट गया है। राज्य एसोसिएशन के आह्वान पर हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन सिरमौर के चिकित्सक भी सामूहिक अवकाश पर रहे। हड़ताल का सीधा असर जांच करवाने पहुंचे मरीजों पर पड़ा। डॉक्टर हड़ताल पर होने के कारण मरीजों को बिना उपचार के मायूस होकर लौटना पड़ा।
डॉ. यशवंत सिंह मेडिकल कॉलेज नाहन में भी चिकित्सकों की हड़ताल की वजह से मरीज परेशान हुए। सैकड़ों लोगों को महज मायूसी ही हाथ लगी। हालांकि, इमरजेंसी में मरीजों का उपचार किया गया।
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समय: सुबह 10:30 बजे। स्थान : नाहन मेडिकल कॉलेज। ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन और पची काउंटर पर जुटी बेतहाशा भीड़। कॉलेज की ओपीडी के कैबिनों में ताले लटके हुए मिले। दोपहर तक तो अस्पताल में काफी भीड़ रही, लेकिन जैसे-जैसे मरीजों को हड़ताल का पता चला मरीज वापस लौटते गए। कई मरीजों को निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ी। खासकर महिलाओं को दिक्कतें हुई। ओपीडी में चेकअप को आई कई गर्भवती महिलाओं को भी वापस लौटना पड़ा। हालांकि, दो सिजेरियन ऑपरेशन हुए और इमरजेंसी सेवाएं भी बहाल रहीं। इस तरह मेडिकल और अन्य स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की सेवाएं भी मरीजों को नहीं मिल पाईं।
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उधर, चिकित्सकों ने गेट मीटिंग कर चिकित्सकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर चिंता जताई और मेडिपर्सन एक्ट को गैर जमानती करने की मांग की। मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि पूरे सिरमौर में चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर रहे।
उन्होंने कहा कि 24 जनवरी से दो फरवरी तक काले बिल्ले लगाकर विरोध किया जाएगा। तीन से 12 फरवरी तक सभी चिकित्सक सुबह दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक पर रहेंगे। 13 फरवरी को एक दिन का सामूहिक अवकाश लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन तीन साल से सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रख रही है। संस्थानों में गैर सामाजिक तत्वों की ओर से हिंसा की घटनाएं बढ़ रही है। इस कारण कई डॉक्टर नौकरी छोड़ने को विवश हो रहे हैं। सरकार इस पलायन को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा किया जाए।
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जिला के अन्य अस्पतालों में भी हड़ताल
ददाहू/ सराहां, राजगढ़/ (सिरमौर)। जिला के अन्य अस्पतालों में भी चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर रहे जिससे मरीजों का इलाज नहीं हो सका। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं बहाल रही। सोमवार को अस्पतालों में रोगियों की संख्या अधिक रहती है। ददाहू में रोगियों का पंजीकरण तक नहीं किया गया। चिकित्सकों की हड़ताल होने के कारण अस्पताल की एक्सरे व लैब से संबंधित अन्य सभी सुविधाएं भी प्रभावित रहीं। इसके अलावा सराहां और राजगढ़ में भी चिकित्सक हड़ताल पर रहे।