डीएनए रिपोर्ट से साफ होगा बच्चा बदला या नहीं
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सिविल अस्पताल पांवटा में नवजात शिशु को बदलने के मामले को लेकर डीएनए रिपोर्ट मिलने पर ही स्थिति साफ हो सकेगी। लेकिन, इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। वीरवार को सीएमओ डॉ. संजय शर्मा पांवटा अस्पताल पहुंचे। इस दौरान सीएमओ ने अस्पताल का रिकॉर्ड भी जांचा। सीएमओ संजय शर्मा ने कहा कि पांवटा अस्पताल में डॉक्टरों समेत स्टाफ सदस्यों से बच्चे के मामले में पूरी जानकारी ली गई है। किसी भी तरह की कोई लापरवाही पाई जाती है तो उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि स्टाफ सदस्यों से बातचीत में पता चला है कि उस रात दो नवजात बच्चे पैदा हुए।
शिकायतकर्ता युवक की पत्नी की रात 12 बजे डिलिवरी हुई। इसके बाद करीब 5 बजे सुबह दूसरी महिला की डिलिवरी हुई है। दोनों ही महिलाओं के फीमेल चाइल्ड हुए थे।
यह है मामला
बता दें कि बुधवार को भांटावाली की दंपति ने नवजात बच्चे को बदलने की आशंका जताई थी। शिकायतकर्ता युवक का कहना था कि प्रसुति के करीब 5 घंटे बाद बच्चा दिया गया। डिस्चार्ज स्लीप पर मेल शिशु लिखा था। लेकिन, उनको बेटी थमाई गई थी। इससे नवजात के पिता को संदेश हुआ। इसके बाद नवजात के पिता ने मामले की शिकायत पुलिस थाने में करवा दी। शिकायत मिलने के बाद जांच टीम अस्पताल पहुंची। नवजात बच्ची व उसके परिजनों के डीएनए सैंपल लिए हैं।
फोरेंसिक जांच को भेज दिए हैं डीएनए सैंपल : डीएसपी
उधर, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने कहा कि डीएनए सैंपल लिए गए हैं। सैंपल जांच के लिए जुन्गा फोरेंसिक लैब भेज दिए हैं। लैब से रिपोर्ट मिलने पर स्थिति साफ हो सकेगी।