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दवा इकाई ने बिना नोटिस हटा दिए 17 कामगार
Updated Thu, 23 Nov 2017 11:05 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
पांवटा के गोंदपुर स्थित एक दवाई इकाई में कामगारों और इकाई प्रबंधन के बीच विवाद हो गया है जिसके बाद इस मामले की शिकायत श्रम विभागीय अधिकारी को भेज दी गई है। कामगारों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व नोटिस के 17 कामगारों को निकाला जा रहा है। गेट बंद करने के खिलाफ मजदूरों ने इकाई के बाहर वीरवार को विरोध प्रदर्शन किया। इकाई प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
मजदूर नेता अनिल कुमार, सुनील कुमार व जगवीर ने कहा कि मजदूरों को बिना किसी पूर्व सूचना के हटाना नियमों के खिलाफ है। हटाए गए मजदूरों को इकाई प्रबंधन वापस रखे। हक मिलने तक मजदूर संघर्ष पर रहेंगे। इकाई के अधिकारी जबरन सोलन के एक होटल में जाकर काम करने को कहते हैं। कामगार केवल इकाई में काम करने को रखा गया है। मैकेनिक बाहर से बुलाए जाते हैं।
जब बायलर खराब हुआ तो, कामगारों पर इसका दोष लगाया जाता है। सुनील चौधरी ने कहा कि वीरवार सुबह प्रबंधन ने बिना नोटिस दिए 17 मजदूरों का गेट बंद कर दिया है। हालत देख कर मौके पर पुलिस फोर्स जवान लगा दिए गए। श्रम विभाग इस मामले में जांच करे। श्रम निरीक्षक को शिकायत दे दी गई है।
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उधर, श्रम निरीक्षक पांवटा मुकेश जांख्यान ने कहा कि मजदूरों की शिकायत मिली है, जिसके बाद गोंदपुर इकाई में पहुंचे दोनों पक्षों कर्मचारियों व फैक्ट्री प्रबंधन के बीच बातचीत के माध्यम से उपजे विवाद सुलझाने के प्रयास हो रहे हैं।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
पांवटा के गोंदपुर स्थित एक दवाई इकाई में कामगारों और इकाई प्रबंधन के बीच विवाद हो गया है जिसके बाद इस मामले की शिकायत श्रम विभागीय अधिकारी को भेज दी गई है। कामगारों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व नोटिस के 17 कामगारों को निकाला जा रहा है। गेट बंद करने के खिलाफ मजदूरों ने इकाई के बाहर वीरवार को विरोध प्रदर्शन किया। इकाई प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
मजदूर नेता अनिल कुमार, सुनील कुमार व जगवीर ने कहा कि मजदूरों को बिना किसी पूर्व सूचना के हटाना नियमों के खिलाफ है। हटाए गए मजदूरों को इकाई प्रबंधन वापस रखे। हक मिलने तक मजदूर संघर्ष पर रहेंगे। इकाई के अधिकारी जबरन सोलन के एक होटल में जाकर काम करने को कहते हैं। कामगार केवल इकाई में काम करने को रखा गया है। मैकेनिक बाहर से बुलाए जाते हैं।
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जब बायलर खराब हुआ तो, कामगारों पर इसका दोष लगाया जाता है। सुनील चौधरी ने कहा कि वीरवार सुबह प्रबंधन ने बिना नोटिस दिए 17 मजदूरों का गेट बंद कर दिया है। हालत देख कर मौके पर पुलिस फोर्स जवान लगा दिए गए। श्रम विभाग इस मामले में जांच करे। श्रम निरीक्षक को शिकायत दे दी गई है।
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उधर, श्रम निरीक्षक पांवटा मुकेश जांख्यान ने कहा कि मजदूरों की शिकायत मिली है, जिसके बाद गोंदपुर इकाई में पहुंचे दोनों पक्षों कर्मचारियों व फैक्ट्री प्रबंधन के बीच बातचीत के माध्यम से उपजे विवाद सुलझाने के प्रयास हो रहे हैं।