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561 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग से तबाह
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
Updated Tue, 03 May 2016 07:24 PM IST
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fire
- फोटो : अमर उजाला
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नाहन(सिरमौर)। जिला सिरमौर में वन्य क्षेत्रों में आग लगने के निरंतर मामले आ रहे हैं। केवल 2 दिनों के भीतर जिले में 40 आगजनी के मामले आ चुके हैं जिसमें 561 हेक्टेयर भूमि पर आग फैलने से क्षति हुई है। अब तक आग से कितनी क्षति हुई है, विभागीय टीम इसके आंकलन में जुटी है। मंगलवार को भी नौहराधार के समीप ग्राम खिडग़ा चिनाड़ के समीप लगते जंगल में आग से वन्य क्षेत्र को काफी क्षति पहुंची।
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जिला के नाहन वन मंडल क्षेत्र में दो दिनों के भीतर 14 मामले पहुंचे हैं जिसमें 220 हेक्टेयर भूमि वन क्षेत्र में आग से क्षति हुई है। पांवटा वन मंडल क्षेत्र में 10 मामले पहुंचे हैं, जिसमें 68 हेक्टेयर भूमि पर आग फैली है। रेणुका वन क्षेत्र में 4 मामलों में 42 हेक्टेयर भूमि पर क्षति हुई है। राजगढ़ से 4 मामले पहुंचे और 31 हेक्टेयर भूमि पर आग फैली। जबकि, नाहन के साथ ही जिला सोलन का भी वन्य क्षेत्र पड़ता है। इस क्षेत्र में 7 आग के मामले और 200 हेक्टेयर भूमि पर आग से भारी क्षति पहुंच चुकी है। ये क्षेत्र घने जंगलों से घिरा है। इसलिए आग की घटनाओं के लिए संवेदनशील रहता है।
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वहीं, वन्य क्षेत्रों में आग लगने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नौहराधार के खिडग़ा चिनाड़ से लगते वन क्षेत्र में सोमवार देर रात तक आग धधकती रही। स्थानीय क्षेत्र के निवासी रामलाल शर्मा ने बताया कि काफी मशक्कत करने के बाद वन विभाग व स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से आग पर नियंत्रण पाया जा सका लेकिन इससे पहले सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि पर आग से छोटे पौधों को भारी क्षति पहुंची।
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उधर, वन विभाग के अरण्यपाल नाहन वाएपी गुप्ता ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि फायर सीजन में डेली फायर रिपोर्ट हर वन मंडल से मंगाई जा रही है। जिले में 1 से 2 मई 2016 तक 40 आग के मामले पहुंचे जिससे करीब 556 हेक्टेयर वन भूमि पर क्षति हुई। अधिकतर स्थलों पर विभागीय टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से मिल कर आग पर काबू पा लिया है। विभागीय टीम मेपिंग कर आग से प्रभावित वन्य क्षेत्र में क्षति की रिपोर्ट तैयार करेगी।