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तेज बुखार से तीन माह के बच्चे की मौत, दहशत
Updated Thu, 10 Aug 2017 10:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नौहराधार (सिरमौर)।
कुपवी इलाके में तेज बुखार से एक तीन महीने के बच्चे की मौत हो गई है। स्थानीय पीएचसी में दाखिल हुए बच्चे को डॉक्टरों ने शिमला के लिए रेफर किया। शिमला ले जाते समय बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक जुइनल गांव के कृष को पांच अगस्त को कुपवी पीएचसी लाया गया था। 6 अगस्त को ज्यादा तकलीफ होने के कुछ ही समय बाद शिमला रेफर किए गए बच्चे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि क्षेत्र जलजनित रोगों की चपेट में हैं। इलाके के बच्चे ही अभी बीमारी की चपेट में आए हैं। कई लोग खांसी व जुकाम से पीड़ित हैं। खांसी व जुकाम से पीड़ित कई बच्चों को बुखार की भी शिकायत है। ऐसे में कई अभिभावक अपने बच्चों को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। तीन माह के बच्चे की मौत के बाद लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
वीरवार को कुपवी पीएचसी में 88 मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई। इस दौरान खांसी व जुकाम से पीड़ित 14 मरीज पहुंचे। इनमें से तीन बच्चों को टाइफाइड निकला। टाइफाइड होने पर पांच साल के अंकित, निवासी टिक्कर, सामुई निवासी आतिश व 4 साल के घियाना निवासी वंश को पीएचसी में दाखिल किया गया है। इलाके में फैली इस बीमारी के बाद लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। नौनिहालों को बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया है। उधर, पीएचसी कुपवी में तैनात डॉक्टर पुनीत कुमार ने बताया कि अब स्थिति सामान्य हो गई हैं। घबराने की बात नहीं हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को खाने व पीने का परहेज रखना होगा। उन्होंने सलाह दी कि पानी उबाल कर पीएं। यदि बुखार के समय कंपन हो या पसीना ज्यादा आ रहा हो, बदन दर्द करे और नाक बहने व खांसी की शिकायत हो तो तुरंत चिकित्सीय सहायता लें।
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नौहराधार (सिरमौर)।
कुपवी इलाके में तेज बुखार से एक तीन महीने के बच्चे की मौत हो गई है। स्थानीय पीएचसी में दाखिल हुए बच्चे को डॉक्टरों ने शिमला के लिए रेफर किया। शिमला ले जाते समय बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक जुइनल गांव के कृष को पांच अगस्त को कुपवी पीएचसी लाया गया था। 6 अगस्त को ज्यादा तकलीफ होने के कुछ ही समय बाद शिमला रेफर किए गए बच्चे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि क्षेत्र जलजनित रोगों की चपेट में हैं। इलाके के बच्चे ही अभी बीमारी की चपेट में आए हैं। कई लोग खांसी व जुकाम से पीड़ित हैं। खांसी व जुकाम से पीड़ित कई बच्चों को बुखार की भी शिकायत है। ऐसे में कई अभिभावक अपने बच्चों को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। तीन माह के बच्चे की मौत के बाद लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
वीरवार को कुपवी पीएचसी में 88 मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई। इस दौरान खांसी व जुकाम से पीड़ित 14 मरीज पहुंचे। इनमें से तीन बच्चों को टाइफाइड निकला। टाइफाइड होने पर पांच साल के अंकित, निवासी टिक्कर, सामुई निवासी आतिश व 4 साल के घियाना निवासी वंश को पीएचसी में दाखिल किया गया है। इलाके में फैली इस बीमारी के बाद लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। नौनिहालों को बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया है। उधर, पीएचसी कुपवी में तैनात डॉक्टर पुनीत कुमार ने बताया कि अब स्थिति सामान्य हो गई हैं। घबराने की बात नहीं हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को खाने व पीने का परहेज रखना होगा। उन्होंने सलाह दी कि पानी उबाल कर पीएं। यदि बुखार के समय कंपन हो या पसीना ज्यादा आ रहा हो, बदन दर्द करे और नाक बहने व खांसी की शिकायत हो तो तुरंत चिकित्सीय सहायता लें।
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