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अब कोटला इलाके में काट डाले खैर के पेड़
Updated Wed, 28 Nov 2018 10:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कालाअंब (सिरमौर)। हरियाणा और हिमाचल की सीमा पर स्थित मीरपुर-कोटला इलाके से लकड़ी तस्करों ने बेशकीमती खैर के नौ पेड़ काट डाले हैं। पांवटा के बाद अब कालाअंब इलाके में वन काटुओं ने लाखों रुपये की वन संपदा के कटान को अंजाम दिया है। इस मामले में वन विभाग के बीओ रणधीर सिंह ने कालाअंब थाने में मामला दर्ज करवाया है। जानकारी के अनुसार कोटला इलाके में हरियाणा की सीमा से सटे जंगल से लकड़ी तस्करों ने नौ खैर के पेड़ काटे और रफूचक्कर हो गए। बताया जा रहा है कि हरियाणा की सीमा बिल्कुल साथ होने के कारण तस्कर लकड़ी लेकर हरियाणा की ओर निकल गए। मौका स्थल से पुलिस ने 44 छोटे-छोटे नग बरामद किए हैं, जो तस्करों ने वहीं छोड़ दिए। इसके अलावा वन तस्कर शेष लकड़ी लेकर फरार हो गए। इन 44 नगों को वनरक्षक मुनीषा सिसोदिया के सुपुर्द किया गया है। लिहाजा, बीओ की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके पुलिस गहनता से इसकी छानबीन कर रही है। उल्लेखनीय है कि बीते दिन उपमंडल पांवटा साहिब में वन विभाग ने खैर की लकड़ी से भरा एक ट्रक भी बरामद किया था। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है लेकिन, लाखों की वन संपदा के कटान को जिस तरीके से अंजाम दिया जा रहा है, वह काफी चिंताजनक है। पेड़ कटान के बाद ही वन विभाग को इसकी भनक लग रही है। पांवटा में पकड़े ट्रक से वन विभाग और पुलिस ने 60 क्विंटल खैर की लकड़ी बरामद की, जिसकी लागत लाखों रुपये आंकी गई है। बहरहाल, जनपद सिरमौर की वन संपदा पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इससे पहले भी पेड़ कटान के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में देवदार के अवैध कटान के मामले आए हैं तो निचले क्षेत्रों में वन तस्कर खैर के पेड़ों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मामले की पुष्टि डीएसपी हेडक्वार्टर बबीता राणा ने की है। उन्होंने बताया कि कुछ लकड़ी मौके से बरामद की गई है, जिसे वन विभाग के सुपुर्द किया गया है। अवैध कटान के इस मामले की पुलिस गहनता से छानबीन कर रही है।
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कालाअंब (सिरमौर)। हरियाणा और हिमाचल की सीमा पर स्थित मीरपुर-कोटला इलाके से लकड़ी तस्करों ने बेशकीमती खैर के नौ पेड़ काट डाले हैं। पांवटा के बाद अब कालाअंब इलाके में वन काटुओं ने लाखों रुपये की वन संपदा के कटान को अंजाम दिया है। इस मामले में वन विभाग के बीओ रणधीर सिंह ने कालाअंब थाने में मामला दर्ज करवाया है। जानकारी के अनुसार कोटला इलाके में हरियाणा की सीमा से सटे जंगल से लकड़ी तस्करों ने नौ खैर के पेड़ काटे और रफूचक्कर हो गए। बताया जा रहा है कि हरियाणा की सीमा बिल्कुल साथ होने के कारण तस्कर लकड़ी लेकर हरियाणा की ओर निकल गए। मौका स्थल से पुलिस ने 44 छोटे-छोटे नग बरामद किए हैं, जो तस्करों ने वहीं छोड़ दिए। इसके अलावा वन तस्कर शेष लकड़ी लेकर फरार हो गए। इन 44 नगों को वनरक्षक मुनीषा सिसोदिया के सुपुर्द किया गया है। लिहाजा, बीओ की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके पुलिस गहनता से इसकी छानबीन कर रही है। उल्लेखनीय है कि बीते दिन उपमंडल पांवटा साहिब में वन विभाग ने खैर की लकड़ी से भरा एक ट्रक भी बरामद किया था। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है लेकिन, लाखों की वन संपदा के कटान को जिस तरीके से अंजाम दिया जा रहा है, वह काफी चिंताजनक है। पेड़ कटान के बाद ही वन विभाग को इसकी भनक लग रही है। पांवटा में पकड़े ट्रक से वन विभाग और पुलिस ने 60 क्विंटल खैर की लकड़ी बरामद की, जिसकी लागत लाखों रुपये आंकी गई है। बहरहाल, जनपद सिरमौर की वन संपदा पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इससे पहले भी पेड़ कटान के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में देवदार के अवैध कटान के मामले आए हैं तो निचले क्षेत्रों में वन तस्कर खैर के पेड़ों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मामले की पुष्टि डीएसपी हेडक्वार्टर बबीता राणा ने की है। उन्होंने बताया कि कुछ लकड़ी मौके से बरामद की गई है, जिसे वन विभाग के सुपुर्द किया गया है। अवैध कटान के इस मामले की पुलिस गहनता से छानबीन कर रही है।
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