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Sirmour News: अदालत 5
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खनन नियम उल्लंघन पर 25 हजार जुर्माना, जब्त टिपर रिलीज
13 जून को शिलाई पुलिस थाना का मामला, वाहन मालिक ने अदालत में लगाई थी रिहाई की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन। न्यायालय ने खनन नियमों के उल्लंघन के मामले में जब्त किए गए टिपर को चाबी तथा दस्तावेज सहित उसके मालिक के सुपुर्द करने का आदेश दिया है। न्यायिक दंडाधिकारी विकास कपूर की अदालत ने वाहन मालिक की ओर से दायर आवेदन स्वीकार करते हुए वाहन को रिहा करने का निर्देश दिया।
मामले के अनुसार तहसील शिलाई निवासी रत्तन सिंह का टिपर 13 जून 2026 को पुलिस थाना शिलाई की ओर से चालान कर जब्त किया गया था। वाहन मालिक ने अदालत में आवेदन दायर कर बताया कि टिपर उसकी आजीविका का प्रमुख साधन है और दैनिक कार्यों के लिए आवश्यक है, इसलिए वाहन को रिहा किया जाए। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि वाहन का चालान किया जा चुका है और पंजीकृत मालिक को वाहन सौंपे जाने पर पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। रिकॉर्ड और वाहन के पंजीकरण दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि वाहन को लंबे समय तक पुलिस अभिरक्षा में रखने से उसका मूल्य घटेगा और इससे कोई विशेष उद्देश्य भी पूरा नहीं होगा। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर वाहन रिहा करने के निर्देश जारी किए।-- -- -- -- -- -
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13 जून को शिलाई पुलिस थाना का मामला, वाहन मालिक ने अदालत में लगाई थी रिहाई की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन। न्यायालय ने खनन नियमों के उल्लंघन के मामले में जब्त किए गए टिपर को चाबी तथा दस्तावेज सहित उसके मालिक के सुपुर्द करने का आदेश दिया है। न्यायिक दंडाधिकारी विकास कपूर की अदालत ने वाहन मालिक की ओर से दायर आवेदन स्वीकार करते हुए वाहन को रिहा करने का निर्देश दिया।
मामले के अनुसार तहसील शिलाई निवासी रत्तन सिंह का टिपर 13 जून 2026 को पुलिस थाना शिलाई की ओर से चालान कर जब्त किया गया था। वाहन मालिक ने अदालत में आवेदन दायर कर बताया कि टिपर उसकी आजीविका का प्रमुख साधन है और दैनिक कार्यों के लिए आवश्यक है, इसलिए वाहन को रिहा किया जाए। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि वाहन का चालान किया जा चुका है और पंजीकृत मालिक को वाहन सौंपे जाने पर पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। रिकॉर्ड और वाहन के पंजीकरण दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि वाहन को लंबे समय तक पुलिस अभिरक्षा में रखने से उसका मूल्य घटेगा और इससे कोई विशेष उद्देश्य भी पूरा नहीं होगा। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर वाहन रिहा करने के निर्देश जारी किए।
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