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Sirmour News: अदालत 2
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चेक बाउंस मामले में दो साल की कैद और जुर्माने की सजा बरकरार
11 अक्तूबर 2023 को ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को सजा के साथ 8 लाख मुआवजा देने का दिया था आदेश
अब अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने भी फैसले के खिलाफ अपील की खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने चेक बाउंस के मामले में दोषी के कैद की सजा को बरकरार रखते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। 11 अक्तूबर 2023 को न्यायिक दंडाधिकारी (ट्रायल कोर्ट) ने हरियाणा के जिला यमुनानगर निवासी गुरजीत सिंह को दो साल की कैद और 8 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी।
इस फैसले के खिलाफ दोषी ने अतिरिक्त सत्र अदालत में अपील दायर की थी। अब सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए दोषी की अपील खारिज कर दी।
शिकायतकर्ता हरी किशन भाटिया के अनुसार साल 2014 में घरेलू आवश्यकताओं के लिए आरोपी ने दो अलग-अलग बार उससे 4 लाख रुपये उधार लिए थे। उसने आश्वासन दिया था कि उक्त राशि दो महीने में वापस कर दी जाएगी। निर्धारित समय पर रकम वापस न मिलने पर आरोपी ने एक चेक जारी किया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा।
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भुगतान न होने पर न्यायालय में मामला दायर किया गया। इस दौरान ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को सजा और जुर्माने की सजा सुनाई थी। साथ ही मुआवजा अदा न करने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया था।
संवाद
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11 अक्तूबर 2023 को ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को सजा के साथ 8 लाख मुआवजा देने का दिया था आदेश
अब अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने भी फैसले के खिलाफ अपील की खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने चेक बाउंस के मामले में दोषी के कैद की सजा को बरकरार रखते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। 11 अक्तूबर 2023 को न्यायिक दंडाधिकारी (ट्रायल कोर्ट) ने हरियाणा के जिला यमुनानगर निवासी गुरजीत सिंह को दो साल की कैद और 8 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी।
इस फैसले के खिलाफ दोषी ने अतिरिक्त सत्र अदालत में अपील दायर की थी। अब सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए दोषी की अपील खारिज कर दी।
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शिकायतकर्ता हरी किशन भाटिया के अनुसार साल 2014 में घरेलू आवश्यकताओं के लिए आरोपी ने दो अलग-अलग बार उससे 4 लाख रुपये उधार लिए थे। उसने आश्वासन दिया था कि उक्त राशि दो महीने में वापस कर दी जाएगी। निर्धारित समय पर रकम वापस न मिलने पर आरोपी ने एक चेक जारी किया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक बाउंस हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने कानूनी नोटिस भेजा।
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भुगतान न होने पर न्यायालय में मामला दायर किया गया। इस दौरान ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को सजा और जुर्माने की सजा सुनाई थी। साथ ही मुआवजा अदा न करने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया था।
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