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Sirmour News: ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट के लिए जल्द लगेंगे ई-टेंडर
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ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट के लिए जल्द लगेंगे ई-टेंडर
मेडिकल काॅलेज नाहन में मिलेगी सुविधा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जारी हुए 52 लाख रुपये
छह से सात माह में पूरी होगी प्रक्रिया, मरीजों को होगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मेडिकल काॅलेज नाहन में रक्त तत्व पृथककरण इकाई (ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट) के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से 52 लाख रुपये का बजट तो जारी हो चुका है लेकिन इसकी स्थापना में अभी छह से सात माह का वक्त लग सकता है।
ब्लड बैंक को मेडिकल काॅलेज के संयुक्त निदेशक से फाइल मिल चुकी है। अब यूनिट स्थापित करने के लिए ई-टेंडर होंगे। इस यूनिट में 16 से 17 मशीनें लगाई जाएंगी। मशीनें स्थापित करने के बाद कमेटी का गठन होगा।
ब्लड बैंक में चिकित्सा अधिकारियों, तकनीकी स्टाफ व स्टाफ नर्स की तैनाती होगी। यूनिट का लाइसेंस मिलने के बाद ही इसकी सेवाएं शुरू होंगी। फिलहाल, इस यूनिट को स्थापित करने के लिए 50 वर्ग मीटर का स्थान चिह्नित किया जा रहा है।
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बता दें कि इस यूनिट के अभाव में मरीजों को प्लाज्मा व ब्लड के अन्य कंपोनेंट (तत्वों)के लिए पीजीआई चंडीगढ़, आईजीएमसी शिमला या अन्य बड़े संस्थानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
...
यूनिट लगाने में हो रही लेटलतीफी
ड्राॅप्स ऑफ होप समूह के संचालक ईशान राव ने बताया कि इस यूनिट के लिए पैसा आ चुका है लेकिन इसको स्थापित करने में लेटलतीफी हो रही है। उन्होंने बताया कि इन दिनों जिले में डेंगू ने काफी कहर मचा रखा है। प्लेटलेट्स के लिए लोग बाहरी राज्यों के चक्कर काट रहे हैं।
कई लोगों को 14,000 रुपये खर्च कर प्लेटलेट्स मिल रहे हैं। यदि ये सुविधा शुरू हो जाती तो लोगों को प्लाजमा, लाल रक्त कणिकाएं (आरबीसी), श्वेत रक्त कणिकाएं (डब्ल्यूबीसी), प्लेटलेट्स, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (एफएफपी) आदि के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
उन्होंने मेडिकल काॅलेज प्रशासन से जल्द इसे शुरू करने की मांग उठाई।
...
जल्द होंगे ई-टेंडर
एनएचएम से यूनिट स्थापित करने के लिए 52 लाख रुपये मिल चुके हैं। अब इसके ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी। सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। लाइसेंस मिलने के बाद यहां सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
- डाॅ. निशी जसवाल, जिला ब्लड बैंक अधिकारी
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मेडिकल काॅलेज नाहन में मिलेगी सुविधा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जारी हुए 52 लाख रुपये
छह से सात माह में पूरी होगी प्रक्रिया, मरीजों को होगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मेडिकल काॅलेज नाहन में रक्त तत्व पृथककरण इकाई (ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर यूनिट) के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से 52 लाख रुपये का बजट तो जारी हो चुका है लेकिन इसकी स्थापना में अभी छह से सात माह का वक्त लग सकता है।
ब्लड बैंक को मेडिकल काॅलेज के संयुक्त निदेशक से फाइल मिल चुकी है। अब यूनिट स्थापित करने के लिए ई-टेंडर होंगे। इस यूनिट में 16 से 17 मशीनें लगाई जाएंगी। मशीनें स्थापित करने के बाद कमेटी का गठन होगा।
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ब्लड बैंक में चिकित्सा अधिकारियों, तकनीकी स्टाफ व स्टाफ नर्स की तैनाती होगी। यूनिट का लाइसेंस मिलने के बाद ही इसकी सेवाएं शुरू होंगी। फिलहाल, इस यूनिट को स्थापित करने के लिए 50 वर्ग मीटर का स्थान चिह्नित किया जा रहा है।
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बता दें कि इस यूनिट के अभाव में मरीजों को प्लाज्मा व ब्लड के अन्य कंपोनेंट (तत्वों)के लिए पीजीआई चंडीगढ़, आईजीएमसी शिमला या अन्य बड़े संस्थानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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यूनिट लगाने में हो रही लेटलतीफी
ड्राॅप्स ऑफ होप समूह के संचालक ईशान राव ने बताया कि इस यूनिट के लिए पैसा आ चुका है लेकिन इसको स्थापित करने में लेटलतीफी हो रही है। उन्होंने बताया कि इन दिनों जिले में डेंगू ने काफी कहर मचा रखा है। प्लेटलेट्स के लिए लोग बाहरी राज्यों के चक्कर काट रहे हैं।
कई लोगों को 14,000 रुपये खर्च कर प्लेटलेट्स मिल रहे हैं। यदि ये सुविधा शुरू हो जाती तो लोगों को प्लाजमा, लाल रक्त कणिकाएं (आरबीसी), श्वेत रक्त कणिकाएं (डब्ल्यूबीसी), प्लेटलेट्स, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (एफएफपी) आदि के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
उन्होंने मेडिकल काॅलेज प्रशासन से जल्द इसे शुरू करने की मांग उठाई।
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जल्द होंगे ई-टेंडर
एनएचएम से यूनिट स्थापित करने के लिए 52 लाख रुपये मिल चुके हैं। अब इसके ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी। सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। लाइसेंस मिलने के बाद यहां सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
- डाॅ. निशी जसवाल, जिला ब्लड बैंक अधिकारी