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Sirmour News: डुब्बलू में कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
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टिक्कर पंचायत के डूब्बलू में भागवत कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद
पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। ग्राम पंचायत टिक्कर के डुब्बलू में वर्मा परिवार की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा का शुभारंभ बुधवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा में क्षेत्र की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ निकाली गई कलश यात्रा से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
व्यास पीठ से आचार्य सुमित भारद्वाज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मनुष्य को जीवन में सही दिशा प्रदान करने का माध्यम है। कथा श्रवण से व्यक्ति को सत्य, धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। भगवान के नाम का स्मरण और कथा का श्रवण मन को शांति देने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे श्रीमद्भागवत कथा के संदेश को केवल सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि इसके आदर्शों को अपने जीवन में भी उतारें। आयोजन के दौरान प्रतिदिन मूल पाठ, पूर्वांग पूजन, भजन-कीर्तन और श्रीमद्भागवत कथा के प्रसंगों का वाचन किया जाएगा। कथा का आयोजन दोपहर 12 से 3 बजे तक होगा। कथा के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था होगी।-- -- -- --
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। ग्राम पंचायत टिक्कर के डुब्बलू में वर्मा परिवार की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा का शुभारंभ बुधवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा में क्षेत्र की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ निकाली गई कलश यात्रा से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
व्यास पीठ से आचार्य सुमित भारद्वाज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मनुष्य को जीवन में सही दिशा प्रदान करने का माध्यम है। कथा श्रवण से व्यक्ति को सत्य, धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। भगवान के नाम का स्मरण और कथा का श्रवण मन को शांति देने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
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उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे श्रीमद्भागवत कथा के संदेश को केवल सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि इसके आदर्शों को अपने जीवन में भी उतारें। आयोजन के दौरान प्रतिदिन मूल पाठ, पूर्वांग पूजन, भजन-कीर्तन और श्रीमद्भागवत कथा के प्रसंगों का वाचन किया जाएगा। कथा का आयोजन दोपहर 12 से 3 बजे तक होगा। कथा के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था होगी।
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