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बिजली की दरें बढ़ने से टूटेगी उद्योगों की कमर : सतीश
Thu, 14 Sep 2023 10:50 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Thu, 14 Sep 2023 10:50 PM IST
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कहा, उद्योग होंगे पलायन करने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश में पहले ही उद्योग मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। इसी बीच स्थानीय उद्योगों को प्रदेश सरकार ने बिजली दरों में बढ़ोतरी से झटका दे दिया है। चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा इकाई के अध्यक्ष सतीश गोयल ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली दरों को बढ़ाने के फैसले पर फिर से विचार करे। उद्यमियों ने भी नई दरें कम करने के लिए राज्य सरकार से गुहार लगाई है, ताकि उद्योगों का पलायन होने से रोका जा सके।
चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा इकाई अध्यक्ष सतीश गोयल, महासचिव नवीन अग्रवाल, अशोक गोयल, बीडी त्यागी, एनपीएस सहोता, अरुण गोयल, संजय अग्रवाल, बीपी ठाकुर, नीरज भाटिया, चंदन भाटिया ने बताया कि पहले ही मंदी से हालात ठीक नहीं हैं। अब प्रदेश सरकार ने बिजली की नई दरों के तहत एचटी (हाई टेंशन) के अधीन आने वाले उद्योग के लिए बिजली शुल्क 11 से बढ़ाकर 19 प्रतिशत कर दिया है।
ईएचटी (एक्सट्रीम हाई टेंशन) उद्योगों के लिए इसे 13 से बढ़ाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है। छोटे और मध्यम उद्योगों पर शुल्क 11 प्रतिशत से 17 प्रतिशत तक बढ़ाया है। सीमेंट संयंत्रों पर शुल्क 17 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। बिजली शुल्क को डेढ़ गुना तक बढ़ा दिया है। एक सितंबर से प्रदेश में नई बिजली दरें उद्योगों पर लागू भी कर दी गई हैं।
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सतीश गोयल ने कहा कि आर्थिक मंदी दौर से गुजर रहे उद्योगों को नई बिजली दरें झटका हैं। प्रदेश सरकार और उद्योग मंत्री विद्युत दरें बढ़ाने के फैसले पर पुनर्विचार करे। फैसला वापस नहीं लिया तो मजबूरन उद्योगों को पलायन करने के लिए विवश होना पड़ सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश में पहले ही उद्योग मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। इसी बीच स्थानीय उद्योगों को प्रदेश सरकार ने बिजली दरों में बढ़ोतरी से झटका दे दिया है। चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा इकाई के अध्यक्ष सतीश गोयल ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली दरों को बढ़ाने के फैसले पर फिर से विचार करे। उद्यमियों ने भी नई दरें कम करने के लिए राज्य सरकार से गुहार लगाई है, ताकि उद्योगों का पलायन होने से रोका जा सके।
चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा इकाई अध्यक्ष सतीश गोयल, महासचिव नवीन अग्रवाल, अशोक गोयल, बीडी त्यागी, एनपीएस सहोता, अरुण गोयल, संजय अग्रवाल, बीपी ठाकुर, नीरज भाटिया, चंदन भाटिया ने बताया कि पहले ही मंदी से हालात ठीक नहीं हैं। अब प्रदेश सरकार ने बिजली की नई दरों के तहत एचटी (हाई टेंशन) के अधीन आने वाले उद्योग के लिए बिजली शुल्क 11 से बढ़ाकर 19 प्रतिशत कर दिया है।
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ईएचटी (एक्सट्रीम हाई टेंशन) उद्योगों के लिए इसे 13 से बढ़ाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है। छोटे और मध्यम उद्योगों पर शुल्क 11 प्रतिशत से 17 प्रतिशत तक बढ़ाया है। सीमेंट संयंत्रों पर शुल्क 17 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। बिजली शुल्क को डेढ़ गुना तक बढ़ा दिया है। एक सितंबर से प्रदेश में नई बिजली दरें उद्योगों पर लागू भी कर दी गई हैं।
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सतीश गोयल ने कहा कि आर्थिक मंदी दौर से गुजर रहे उद्योगों को नई बिजली दरें झटका हैं। प्रदेश सरकार और उद्योग मंत्री विद्युत दरें बढ़ाने के फैसले पर पुनर्विचार करे। फैसला वापस नहीं लिया तो मजबूरन उद्योगों को पलायन करने के लिए विवश होना पड़ सकता है।