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Sirmour News: शिलाई के अवैध कटान मामले में डीएफओ को किया जाए निलंबित
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नाहन में पत्रकारों को संबोधित करते एबीवीपी के छात्र नेता। संवाद
सचित्र--
एबीवीपी ने सरकार से मामले में उच्च स्तरीय जांच की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला सिरमौर ने सरकार से शिलाई में सामने आए अवैध कटान मामले में डीएफओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की है। नाहन में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनीष बिरसान्टा ने कहा कि जिला सिरमौर के शिलाई में हुए 307 चीड़ के अवैध पेड़ कटान मामले की वह निंदा करते हैं और सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं।
मनीष बिरसान्टा ने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश के भीतर व्यवस्था परिवर्तन की सरकार आई है तबसे व्यवस्थाओं का पतन ही हो रहा है। हिमाचल प्रदेश में टिंबर माफिया, खनन माफिया, फिरौती माफिया, गोली कांड, चिट्टा माफिया बेलगाम होता जा रहा है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व पक्का रोजगार देने में ये सरकार पूर्ण रूप से विफल रही है।
उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर के भीतर भाजपा व कांग्रेस के बड़े-बड़े दिग्गज नेता हैं लेकिन शिलाई अवैध पेड़ कटान मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। यह दर्शाता है कि ये सब नेताओं व उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से ही हुआ है। खनन माफिया इतना ज्यादा सक्रिय हो चुका है कि पहाड़ के पहाड़ काटे जा रहे हैं। अभी हाल ही में हुई प्रदेश में इतनी बड़ी त्रासदी से बाहर नहीं निकला है कि इस तरह की घटनाएं फिर से शुरू हो चुकी हैं।
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उन्होंने बताया कि विद्यार्थी परिषद ऐसी घटनाओं की निंदा करती है। इस प्रकरण में बीते कल बीओ और फाॅरेस्ट गार्ड को तो निलंबित कर दिया लेकिन विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि इस मामले की स्तरीय जांच हो और इस प्रकरण में संलिप्त उच्च अधिकारियों पर भी कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए।
-- -संवाद
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एबीवीपी ने सरकार से मामले में उच्च स्तरीय जांच की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला सिरमौर ने सरकार से शिलाई में सामने आए अवैध कटान मामले में डीएफओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की है। नाहन में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनीष बिरसान्टा ने कहा कि जिला सिरमौर के शिलाई में हुए 307 चीड़ के अवैध पेड़ कटान मामले की वह निंदा करते हैं और सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं।
मनीष बिरसान्टा ने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश के भीतर व्यवस्था परिवर्तन की सरकार आई है तबसे व्यवस्थाओं का पतन ही हो रहा है। हिमाचल प्रदेश में टिंबर माफिया, खनन माफिया, फिरौती माफिया, गोली कांड, चिट्टा माफिया बेलगाम होता जा रहा है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व पक्का रोजगार देने में ये सरकार पूर्ण रूप से विफल रही है।
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उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर के भीतर भाजपा व कांग्रेस के बड़े-बड़े दिग्गज नेता हैं लेकिन शिलाई अवैध पेड़ कटान मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। यह दर्शाता है कि ये सब नेताओं व उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से ही हुआ है। खनन माफिया इतना ज्यादा सक्रिय हो चुका है कि पहाड़ के पहाड़ काटे जा रहे हैं। अभी हाल ही में हुई प्रदेश में इतनी बड़ी त्रासदी से बाहर नहीं निकला है कि इस तरह की घटनाएं फिर से शुरू हो चुकी हैं।
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उन्होंने बताया कि विद्यार्थी परिषद ऐसी घटनाओं की निंदा करती है। इस प्रकरण में बीते कल बीओ और फाॅरेस्ट गार्ड को तो निलंबित कर दिया लेकिन विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि इस मामले की स्तरीय जांच हो और इस प्रकरण में संलिप्त उच्च अधिकारियों पर भी कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए।