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परीक्षा केंद्र ददाहू, पढ़ाई के लिए जाना पड़ेगा संगड़ाह
Updated Fri, 01 Dec 2017 11:13 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)।
राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) के विद्यार्थी स्कूल शिक्षा बोर्ड के हाथों की कठपुतली बनकर रह गए हैं। इन विद्यार्थियों को अपना भविष्य संवारने के लिए दो भागों में बांट दिया है। ददाहू स्कूल में एसओएस का परीक्षा केंद्र होने के बावजूद भी अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए 26 किलोमीटर दूर संगड़ाह जाना पड़ेगा। जबकि, वर्ष 2012 से ही यह कक्षाएं ददाहू में संचालित होती आई हैं लेकिन बीते सितंबर माह से इन कक्षाओं को उपमंडल स्तर पर चलाने के फरमान जारी कर दिए हैं। इसका खामियाजा एसओएस के हजारों विद्यार्थियों को भुगतान पड़ रहा है।
एसओएस के ददाहू स्थित केंद्र के अंतर्गत 99 छात्रों ने 30 नवंबर तक दाखिला लिया है, जिसमें दसवीं के 41 व जमा दो के 58 छात्र शामिल हैं। इन छात्रों को अब अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए संगड़ाह की ओर रुख करना पड़ेगा। ऐसे में छात्रों के लिए आवागमन के दौरान परेशानी के साथ साथ धन व समय भी बर्बाद होगा।
एसओएस में दाखिला ले चुके छात्रों के अभिभावकों में इस बात को लेकर गहरा रोष भी व्याप्त है कि जब परीक्षा केंद्र ददाहू में स्थित है तो छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए संगड़ाह क्यों भेजा जा रहा है। ऐसा करके शिक्षा बोर्ड एसओएस के विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करके उनकी राह में रोड़ा डालने का प्रयास कर रहा है। बोर्ड को अपने इस फरमान को शीघ्र वापस लेकर उन्हें पूर्व की तरह परीक्षा केंद्रों में ही पढ़ाई जारी रखने की पूर्ण स्वतंत्रता देनी चाहिए।
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उधर, एसओएस केंद्र प्रभारी एवं ददाहू स्कूल के प्रिंसिपल सुनील शर्मा ने बताया कि स्कूल शिक्षा बोर्ड के फैसले के चलते ही इस तरह की व्यवस्था की गई है। 30 नवंबर की अंतिम तिथि तक क्षेत्र से जुड़े 99 विद्यार्थियों ने दाखिला ले लिया है। जबकि, 1 दिसंबर से 500 रुपये विलंब शुल्क के साथ प्रवेश दिया जाएगा लेकिन छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए उपमंडल स्तर पर संगड़ाह ही जाना पड़ेगा।
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ददाहू (सिरमौर)।
राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) के विद्यार्थी स्कूल शिक्षा बोर्ड के हाथों की कठपुतली बनकर रह गए हैं। इन विद्यार्थियों को अपना भविष्य संवारने के लिए दो भागों में बांट दिया है। ददाहू स्कूल में एसओएस का परीक्षा केंद्र होने के बावजूद भी अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए 26 किलोमीटर दूर संगड़ाह जाना पड़ेगा। जबकि, वर्ष 2012 से ही यह कक्षाएं ददाहू में संचालित होती आई हैं लेकिन बीते सितंबर माह से इन कक्षाओं को उपमंडल स्तर पर चलाने के फरमान जारी कर दिए हैं। इसका खामियाजा एसओएस के हजारों विद्यार्थियों को भुगतान पड़ रहा है।
एसओएस के ददाहू स्थित केंद्र के अंतर्गत 99 छात्रों ने 30 नवंबर तक दाखिला लिया है, जिसमें दसवीं के 41 व जमा दो के 58 छात्र शामिल हैं। इन छात्रों को अब अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए संगड़ाह की ओर रुख करना पड़ेगा। ऐसे में छात्रों के लिए आवागमन के दौरान परेशानी के साथ साथ धन व समय भी बर्बाद होगा।
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एसओएस में दाखिला ले चुके छात्रों के अभिभावकों में इस बात को लेकर गहरा रोष भी व्याप्त है कि जब परीक्षा केंद्र ददाहू में स्थित है तो छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए संगड़ाह क्यों भेजा जा रहा है। ऐसा करके शिक्षा बोर्ड एसओएस के विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करके उनकी राह में रोड़ा डालने का प्रयास कर रहा है। बोर्ड को अपने इस फरमान को शीघ्र वापस लेकर उन्हें पूर्व की तरह परीक्षा केंद्रों में ही पढ़ाई जारी रखने की पूर्ण स्वतंत्रता देनी चाहिए।
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उधर, एसओएस केंद्र प्रभारी एवं ददाहू स्कूल के प्रिंसिपल सुनील शर्मा ने बताया कि स्कूल शिक्षा बोर्ड के फैसले के चलते ही इस तरह की व्यवस्था की गई है। 30 नवंबर की अंतिम तिथि तक क्षेत्र से जुड़े 99 विद्यार्थियों ने दाखिला ले लिया है। जबकि, 1 दिसंबर से 500 रुपये विलंब शुल्क के साथ प्रवेश दिया जाएगा लेकिन छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए उपमंडल स्तर पर संगड़ाह ही जाना पड़ेगा।