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शहर से बाहर बनाया जाए फोरलेन बाईपास
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। उत्तर प्रदेशीय कल्याण सभा पांवटा इकाई की बैठक में फोरलेन योजना से पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा की गई। बैठक में एनएच प्राधिकरण से बाईपास योजना पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया गया। पांवटा इकाई की बैठक में विश्वकर्मा मंदिर परिसर में हुई। बैठक की
अध्यक्षता करते हुए सेवानिवृत्त कृषि उपनिदेशक डॉ. जेपी शर्मा ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक से पांवटा के शहरी क्षेत्र बद्रीपुर से यमुना पुल तक ही विशेष रूप से विकास हो सका है। गुरु की नगरी के विकास में औद्योगिक, धार्मिक, शैक्षणिक और व्यवसायिक संस्थानों की भूमिका विशेष रही है। डॉ. जेपी शर्मा, विजय राघव, जीएम भटनागर, लोकेंद्र राणा, सुखबीर सिंह, नरेंद्र शर्मा, अनंत राम, आरके त्यागी और केके दीक्षित ने कहा कि फोरलेन योजना बनना ठीक है लेकिन शहर से बाहर बाईपास बनाया जाए, जिससे शहरी क्षेत्र उजड़ने से बच जाए। शहर के वर्तमान एनएच मार्ग पर ही फोरलेन विस्तारीकरण से सैकड़ों रिहायशी मकान, होटल, व्यवसायिक संस्थान और दुकानें टूटेंगी। बैंकों से ऋण लेकर शुरू किया गया सैकड़ों लोगों का रोजगार ही बंद हो जाएगा। जब शहर से बाहरी क्षेत्र से फोरलेन योजना बन सकती है, तो विकास की तरफ अग्रसर छोटे से पांवटा शहर को न उजाड़ा जाए। शहर से गुजरने वाले एनएच मार्ग के दोनों ओर आवासीय भवन और व्यावसायिक संस्थानों को सड़क चौड़ा करने से काफी क्षति होगी। बैठक में केंद्र सरकार, एनएच प्राधिकरण, प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों से भी शहर को उजड़ने से बचाने का आग्रह किया गया है।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। उत्तर प्रदेशीय कल्याण सभा पांवटा इकाई की बैठक में फोरलेन योजना से पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा की गई। बैठक में एनएच प्राधिकरण से बाईपास योजना पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया गया। पांवटा इकाई की बैठक में विश्वकर्मा मंदिर परिसर में हुई। बैठक की
अध्यक्षता करते हुए सेवानिवृत्त कृषि उपनिदेशक डॉ. जेपी शर्मा ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक से पांवटा के शहरी क्षेत्र बद्रीपुर से यमुना पुल तक ही विशेष रूप से विकास हो सका है। गुरु की नगरी के विकास में औद्योगिक, धार्मिक, शैक्षणिक और व्यवसायिक संस्थानों की भूमिका विशेष रही है। डॉ. जेपी शर्मा, विजय राघव, जीएम भटनागर, लोकेंद्र राणा, सुखबीर सिंह, नरेंद्र शर्मा, अनंत राम, आरके त्यागी और केके दीक्षित ने कहा कि फोरलेन योजना बनना ठीक है लेकिन शहर से बाहर बाईपास बनाया जाए, जिससे शहरी क्षेत्र उजड़ने से बच जाए। शहर के वर्तमान एनएच मार्ग पर ही फोरलेन विस्तारीकरण से सैकड़ों रिहायशी मकान, होटल, व्यवसायिक संस्थान और दुकानें टूटेंगी। बैंकों से ऋण लेकर शुरू किया गया सैकड़ों लोगों का रोजगार ही बंद हो जाएगा। जब शहर से बाहरी क्षेत्र से फोरलेन योजना बन सकती है, तो विकास की तरफ अग्रसर छोटे से पांवटा शहर को न उजाड़ा जाए। शहर से गुजरने वाले एनएच मार्ग के दोनों ओर आवासीय भवन और व्यावसायिक संस्थानों को सड़क चौड़ा करने से काफी क्षति होगी। बैठक में केंद्र सरकार, एनएच प्राधिकरण, प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों से भी शहर को उजड़ने से बचाने का आग्रह किया गया है।
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