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अब चार रुपये में मिलेगी सेनेटरी नैपकिन
Updated Sun, 16 Sep 2018 11:22 PM IST
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नाहन (सिरमौर)। जिले में अब सिर्फ चार रुपये से सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध होगा। उपमंडल पांवटा के अंतर्गत आने वाले नवादा में स्वयं सहायता समूह ने सेनेटरी नैपकिन की मशीन लगाकर इसका उत्पादन शुरू कर दिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सस्ती दरों पर सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध हो सकेगी। उपायुक्त ललित जैन ने गत दिवस नवादा में इस मशीन का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर डीसी ने कहा कि तीन लाख की लागत से इस सेनेटरी नैपकिन के लघु उद्योग को शुरू किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम आने पर जिले में अन्य स्वयं सहायता समूह को इस लघु उद्योग को स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नवादा और इसके आसपास के गांव की बारह महिलाओं की यह कार्य शुरू किया गया है। इससे महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए सेनेटरी नैपकिन न्यूनतम चार रुपये की दर से उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ मामला उठाया गया है। इसके अतिरिक्त नवादा और आसपास के स्कूलों में सौ किशोरियों को सेनेटरी नैपकिन नि:शुल्क उपलब्ध करवाएं जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह की ओर से तैयार किए गए सेनेटरी नैपकिन को विभिन्न दुकानों के माध्यम से बेचा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में प्लास्टिक और थर्मोकोल की प्लेटों के विकल्प के रूप में स्वयं सहायता समूहों ने पत्तों से डोने और पत्तल तैयार किए हैं। यह काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। जिले के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार किए एक लाख से अधिक डोने और पत्तलों की आपूर्ति की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जनमंच तथा अन्य समारोहों में अब पत्तों से तैयार डोने और पत्तल का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सराहां में आगामी 21 व 22 को मनाए जाने वाले राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले में भी पत्तों से तैयार किए गए डोने और पत्तलों को इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा, सहायक परियोजना अधिकारी आरके झांझ सहित नवादा और इसके आसपास के गांवों के गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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इस अवसर पर डीसी ने कहा कि तीन लाख की लागत से इस सेनेटरी नैपकिन के लघु उद्योग को शुरू किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम आने पर जिले में अन्य स्वयं सहायता समूह को इस लघु उद्योग को स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नवादा और इसके आसपास के गांव की बारह महिलाओं की यह कार्य शुरू किया गया है। इससे महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए सेनेटरी नैपकिन न्यूनतम चार रुपये की दर से उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ मामला उठाया गया है। इसके अतिरिक्त नवादा और आसपास के स्कूलों में सौ किशोरियों को सेनेटरी नैपकिन नि:शुल्क उपलब्ध करवाएं जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह की ओर से तैयार किए गए सेनेटरी नैपकिन को विभिन्न दुकानों के माध्यम से बेचा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में प्लास्टिक और थर्मोकोल की प्लेटों के विकल्प के रूप में स्वयं सहायता समूहों ने पत्तों से डोने और पत्तल तैयार किए हैं। यह काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। जिले के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार किए एक लाख से अधिक डोने और पत्तलों की आपूर्ति की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जनमंच तथा अन्य समारोहों में अब पत्तों से तैयार डोने और पत्तल का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सराहां में आगामी 21 व 22 को मनाए जाने वाले राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले में भी पत्तों से तैयार किए गए डोने और पत्तलों को इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा, सहायक परियोजना अधिकारी आरके झांझ सहित नवादा और इसके आसपास के गांवों के गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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