फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   कच्ची उम्र में शादी की बेडिय़ों में बंध रही सिरमौर की बेटियां

कच्ची उम्र में शादी की बेडिय़ों में बंध रही सिरमौर की बेटियां

Mon, 09 Apr 2018 08:08 PM IST
Updated Mon, 09 Apr 2018 08:08 PM IST
विज्ञापन
कच्ची उम्र में शादी की बेडिय़ों में बंध रही सिरमौर की बेटियां
रिपीट...कामन के लिए...
विज्ञापन

छोटी उम्र में ब्याही जा
रहीं सिरमौर की बेटियां
- चाइल्ड लाइन सिरमौर का खुलासा, 6 माह में आए 35 मामले
- दर्जनभर मामलों में गर्भवती भी हो चुकी हैं नाबालिग लड़कियां

हितेश शर्मा
नाहन (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर के दुर्गम क्षेत्रों की बेटियां छोटी उम्र में ही शादी के बंधन से बांधी जा रही हैं। छह माह के भीतर बाल विवाह के तीन दर्जन मामले सामने आ चुके हैं। और तो और दर्जन भर मामलों में तो नाबालिग विवाहिता गर्भवती भी हो गई हैं। यह सिर्फ वही मामले हैं जिनके बारे में चाइल्ड लाइन को भनक लगी है। जबकि हकीकत में मामलों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है। चाइल्ड लाइन की जांच में सामने आया है कि सिरमौर की बेटियां पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी ब्याही गई हैं। इन मामलों में से किसी ने भी शादी को रजिस्टर नहीं कराया है। लिहाजा, ऐसी शादियों की कहीं भी मान्यता नहीं है। सिरमौर पुलिस ने भी पोक्सो एक्ट के तहत मामले दर्ज किए हैं। चाइल्ड लाइन सिरमौर ने कुछ मामलों में नाबालिग लड़कियों को उनके परिजनों को सौंपा है। जबकि कहीं पर तो लड़के भी नाबालिग पाए गए हैं।
---
दुर्गम क्षेत्रों में जागरूकता की भारी कमी
जिला सिरमौर के शिलाई, संगड़ाह, रेणुका व राजगढ़ ब्लाक के दुर्गम क्षेत्रों में जागरूकता की भारी कमी है। गरीब परिवारों से संबंधित लोगों को यह भी पता नहीं है कि शादी के लिए लड़के और लड़की की कितनी उम्र होनी आवश्यक है। पिछले 6 माह के भीतर शिलाई तहसील से सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं बीते पांच साल में बाल विवाह के कुल 79 मामले हो चुके हैं।
विज्ञापन

---
ड्राप आउट व गरीबी भी कारण
दुर्गम क्षेत्रों में अशिक्षा व जल्द स्कूल छोड़ने के बाद परिजन लड़कियों की शादी रचा रहे हैं। ड्राप आउट भी इसका बड़ा कारण है। लड़कियों के मामले में आज भी कुछ परिजनों की सोच यही है कि उनकी शादी करवाकर भारमुक्त हो जाएं। इसके अलावा निर्धनता भी इसकी बड़ी वजह है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
क्या कहते हैं उपायुक्त सिरमौर
उधर, डीसी सिरमौर ललित जैन ने कहा कि ऐसे मामलों में समय समय पर महिला एवं बाल कल्याण विभाग व चाइल्ड लाइन लोगों को जागरूक कर रहे हैं। जिले के दूरदराज क्षेत्रों में और अधिक जागरूकता लाने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, चाइल्ड लाइन सिरमौर की काउंसलर विनीता ठाकुर ने बताया कि लोगों में जागरूकता लाई जा रही है। चाइल्ड लाइन कई मामलों को ट्रेस कर चुकी है। ऐसे मामलों में मौके पर ही लड़का-लड़की के परिजनों की काउंसलिंग करवाकर जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed