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अग्नेय शस्त्र जमा नहीं कराए तो होगी ठोस कानूनी कार्रवाई
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नाहन (सिरमौर)। जिले में आग्नेय शस्त्र एवं विस्फोटक सामग्री जमा कराने का कार्य धीमी गति से चल रहा है। हालांकि, सिरमौर पुलिस कई जगह घरद्वार जाकर लाइसेंस धारकों से बंदूकें जमा करने का कार्य कर रही है। बावजूद इसके अभी तक आग्नेय शस्त्र जमा कराने का कार्य 40 फीसदी ही हो पाया है। जिले में कुल 8316 लाइसेंसी बंदूकें पंजीकृत हैं। अभी तक महज 3278 बंदूकें ही नजदीकी पुलिस थानों में जमा हो पाई हैं। लाइसेंसी बंदूकें जमा न करवाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे लाइसेंस धारकों के खिलाफ पुलिस सीधे ही मामला अदालत में पेश करेगी। इसमें सजा का भी प्रावधान है। आदर्श आचार संहिता के तहत जिला प्रशासन समेत पुलिस महकमे ने पहले ही लाइसेंस धारकों को बंदूकें जमा कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस विभाग ने अपने थानों और चौकियों में लाइसेंस धारकों को बंदूकें जमा कराने के लिए मुहिम भी चलाई है। कई स्थानों पर पुलिस लोगों के घर-घर पहुंच रही है। पुलिस मौके पर ही बंदूक लेकर रसीद जारी कर रही है।
जागरूकता का अभाव भी वजह
अभी तक यह बात सामने आई है कि जिले के दुर्गम क्षेत्रों में सूचना और जागरूकता का अभाव भी है। वहीं, कई लाइसेंस धारक समय और धन की बरबादी की वजह से समय पर अपने हथियार जमा नहीं करवा रहे हैं। कई लोगों को अपना हथियार लेकर थाने तक पहुंचने के लिए लंबी यात्रा करनी होती है। ऐसे में समय भी बरबाद होता है। इसके चलते भी लोग आग्नेय शस्त्र जमा कराने में लेटलतीफी कर रहे हैं।
इन पर लागू नहीं हैं आदेश
सेना, पुलिस, पैरा मिलिट्री और होमगार्ड जवानों पर यह आदेश लागू नहीं हैं। इसके अलावा जिन व्यक्तियों को जान का खतरा है और प्रशासन द्वारा सेल्फ प्रोटेक्शन के लिए पिस्तौल अथवा बंदूक का लाइसेंस जारी किए गए हैं ऐसे व्यक्तियों के बारे में पुलिस पुन: आकलन करेगी। यदि संबंधित व्यक्ति को वास्तव में जान का खतरा है तो उस स्थिति में यह आदेश उन पर भी लागू नहीं होंगे।
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ठोस कानूनी कार्रवाई का प्रावधान
एसपी सिरमौर अजय कृष्ण शर्मा ने बताया कि लाइसेंसी बंदूकें आदि जमा न करवाने वालों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। यदि समय पर लोग अपने हथियार जमा नहीं करवाएंगे तो उनके खिलाफ मामले अदालत में भेजे जाएंगे। उन्होंने सभी लाइसेंसधारकों से आग्रह किया कि जल्द वे अपने हथियार नजदीकी पुलिस थानों में जमा करवाएं। पुलिस भी घर-द्वार जाकर हथियार जमा कर रही है।
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जागरूकता का अभाव भी वजह
अभी तक यह बात सामने आई है कि जिले के दुर्गम क्षेत्रों में सूचना और जागरूकता का अभाव भी है। वहीं, कई लाइसेंस धारक समय और धन की बरबादी की वजह से समय पर अपने हथियार जमा नहीं करवा रहे हैं। कई लोगों को अपना हथियार लेकर थाने तक पहुंचने के लिए लंबी यात्रा करनी होती है। ऐसे में समय भी बरबाद होता है। इसके चलते भी लोग आग्नेय शस्त्र जमा कराने में लेटलतीफी कर रहे हैं।
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इन पर लागू नहीं हैं आदेश
सेना, पुलिस, पैरा मिलिट्री और होमगार्ड जवानों पर यह आदेश लागू नहीं हैं। इसके अलावा जिन व्यक्तियों को जान का खतरा है और प्रशासन द्वारा सेल्फ प्रोटेक्शन के लिए पिस्तौल अथवा बंदूक का लाइसेंस जारी किए गए हैं ऐसे व्यक्तियों के बारे में पुलिस पुन: आकलन करेगी। यदि संबंधित व्यक्ति को वास्तव में जान का खतरा है तो उस स्थिति में यह आदेश उन पर भी लागू नहीं होंगे।
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ठोस कानूनी कार्रवाई का प्रावधान
एसपी सिरमौर अजय कृष्ण शर्मा ने बताया कि लाइसेंसी बंदूकें आदि जमा न करवाने वालों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। यदि समय पर लोग अपने हथियार जमा नहीं करवाएंगे तो उनके खिलाफ मामले अदालत में भेजे जाएंगे। उन्होंने सभी लाइसेंसधारकों से आग्रह किया कि जल्द वे अपने हथियार नजदीकी पुलिस थानों में जमा करवाएं। पुलिस भी घर-द्वार जाकर हथियार जमा कर रही है।