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बिना अध्यापक कैसे जलेगी शिक्षा की लौ

Sun, 20 May 2018 07:44 PM IST
Updated Sun, 20 May 2018 07:44 PM IST
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बिना अध्यापक कैसे जलेगी शिक्षा की लौ

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बिना अध्यापक कैसे जलेगी शिक्षा की लौ
पच्छाद क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों का टोटा
नौनिहालों का भविष्य बना अंधकारमय
ढंगयार और बड़ा चाकली स्कूल प्रतिनियुक्ति के सहारे
अमर उजाला ब्यूरो
सराहां (सिरमौर)।
पच्छाद विधासभा क्षेत्र के सैकड़ों नौनिहालों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। बेहतरीन शिक्षा देने के सरकार भले ही लाखों दावे कर ले लेकिन इन दावों की धरातल पर पोल खुलती नजर आ रही है। पच्छाद के नयागांव सेंटर में दो स्कूल ऐसे हैं जो बिना अध्यापक के सहारे चल रहे हैं। चार स्कूलों में एक-एक अध्यापक है।
हैरानी की बात यह है कि ढंगयार प्राथमिक पाठशाला और बड़ा चकली स्कूल प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहे हैं। बड़ा चकली स्कूल तो पिछले करीब चार महीनों से डेपुटेशन के सहारे चल रहा है। ढंगयार स्कूल में भी हाल ही में डेपुटेशन पर अध्यापक भेजा गया है।
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प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी के चलते अभिभावकों का शिक्षा विभाग व सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है। नयागांव सेंटर के अंतर्गत ही बनी बखोली, दधोग, क्लोह व च्याली स्कूल भी एक-एक अध्यापक के सहारे चल रहे हैं। इस कारण बच्चों की लगातार पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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बड़ा चाकली स्कूल में 26 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जबकि, ढंगयार स्कूल में 27 छात्र-छात्राएं शिक्षारत हैं। स्कूल में बच्चों के कम आंकड़े से भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी स्कूलों की क्या स्थिति है। प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहे इन दोनों स्कूलों के नौनिहालों का भविष्य सरेआम बर्बाद हो रहा है लेकिन विभाग व सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाती नजर नहीं आ रही है।
इसके अलावा बनी बखोली स्कूल में 11 बच्चे, दधोग स्कूल में 15 बच्चे, क्लोह स्कूल में 16 बच्चे व च्याली स्कूल में 24 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन स्कूलों में एक-एक शिक्षक तैनात है।
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शिक्षक न मिले तो जड़ेंगे स्कूल में ताला
ढंगयार स्कूल प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष लेखराज पराशर, सदस्य मदन गोपाल, रवि पराशर, इंद्र दत्त, पूनम व अनीता देवी ने बताया कि यदि स्कूल को स्थायी अध्यापक नहीं मिला तो लोग स्कूल में ताला जड़ देंगे। इसके लिए स्वयं प्रशासन व सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा कई बार स्कूल प्रबंधन कमेटी की बैठक में प्रस्ताव पास करके उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है लेकिन इस पर कोई भी अमल नहीं हो रहा है।


उच्चाधिकारियों को भेजी है सूची
नयागांव सेंटर के प्रभारी गुरुदत्त शर्मा ने बताया कि नयागांव सेंटर के अंतर्गत नौ स्कूल आते हैं, जिनमें से दो स्कूल बिना अध्यापक के कारण डेपुटेशन के सहारे चलाए जा रहे हैं। चार स्कूलों में मात्र एक-एक ही अध्यापक हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के सेंटर के माध्यम से समय-समय पर खाली पड़े पदों की सूची उच्च अधिकारी को भेजी जाती रही है।
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----हितेश
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