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संगड़ाह में बिना जांच के बिक रहा मुर्गे का मीट
Updated Fri, 17 Nov 2017 08:09 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
संगड़ाह (सिरमौर)।
उपमंडल संगड़ाह में मुर्गे का मांस बिना किसी जांच के धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। यहां मीट विक्रेताओं की दुकानों में रोजाना सैकड़ों मुर्गों को काटा जा रहा है। मांस के शौकीन भी बिना संकोच के दुकानों से मांस खरीद कर रहे हैं। जबकि दुकानों पर बेचे जा रहे मांस की कोई जांच नहीं की जा रही है। यहां मांस विक्रेताओं द्वारा जिन मुर्गों को काटा जा रहा है उन्हें बाहरी राज्यों से मंगवाया जाता है।
ऐसे में इस बात की भी संभावना कम नहीं कि मुर्गे संक्रमित भी हो सकते हैं। ऐसे में इनकी जांच की जानी बेहद आवश्यक है। इसकी जांच का जिम्मा बाकायदा स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है लेकिन स्वास्थ्य विभाग यहां बेचे जाने वाले मीट के प्रति चिंतित नहीं दिखाई दे रहा है जिस कारण मीट विक्रेता बिना किसी डर के धड़ल्ले से मुर्गे का मीट बेच रहे हैं।
जानकारों की मानें तो संक्रमण ग्रस्ति मुर्गों के कारण खतरनाक बीमारियां फैलती हैं जिसकी समय-समय पर सरकार द्वारा चेतावनी भी दी जाती है। विशेषकर बाहर से आने वाले मुर्गे अकसर खतरनाक संक्रमण से पीड़ित होते हैं।
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बावजूद इसके जहां इनकी जांच नहीं की जा रही है, वहीं ग्राहक भी बिना किसी डर के धड़ल्ले से मीट खरीद रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यहां मीट विक्रेताओं द्वारा मुर्गे का ही मीट नहीं बल्कि दूसरा मीट भी खुले में ही बेचा जा रहा है। दुकानों में सफाई का भी ध्यान नहीं रखा जाता है।
उधर, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुश राणा ने बताया कि अभी तक इस तरह की कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में यहां अपनी ज्वाइनिंग दी है। यदि किसी दुकान में कोई अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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संगड़ाह (सिरमौर)।
उपमंडल संगड़ाह में मुर्गे का मांस बिना किसी जांच के धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। यहां मीट विक्रेताओं की दुकानों में रोजाना सैकड़ों मुर्गों को काटा जा रहा है। मांस के शौकीन भी बिना संकोच के दुकानों से मांस खरीद कर रहे हैं। जबकि दुकानों पर बेचे जा रहे मांस की कोई जांच नहीं की जा रही है। यहां मांस विक्रेताओं द्वारा जिन मुर्गों को काटा जा रहा है उन्हें बाहरी राज्यों से मंगवाया जाता है।
ऐसे में इस बात की भी संभावना कम नहीं कि मुर्गे संक्रमित भी हो सकते हैं। ऐसे में इनकी जांच की जानी बेहद आवश्यक है। इसकी जांच का जिम्मा बाकायदा स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है लेकिन स्वास्थ्य विभाग यहां बेचे जाने वाले मीट के प्रति चिंतित नहीं दिखाई दे रहा है जिस कारण मीट विक्रेता बिना किसी डर के धड़ल्ले से मुर्गे का मीट बेच रहे हैं।
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जानकारों की मानें तो संक्रमण ग्रस्ति मुर्गों के कारण खतरनाक बीमारियां फैलती हैं जिसकी समय-समय पर सरकार द्वारा चेतावनी भी दी जाती है। विशेषकर बाहर से आने वाले मुर्गे अकसर खतरनाक संक्रमण से पीड़ित होते हैं।
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बावजूद इसके जहां इनकी जांच नहीं की जा रही है, वहीं ग्राहक भी बिना किसी डर के धड़ल्ले से मीट खरीद रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यहां मीट विक्रेताओं द्वारा मुर्गे का ही मीट नहीं बल्कि दूसरा मीट भी खुले में ही बेचा जा रहा है। दुकानों में सफाई का भी ध्यान नहीं रखा जाता है।
उधर, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुश राणा ने बताया कि अभी तक इस तरह की कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में यहां अपनी ज्वाइनिंग दी है। यदि किसी दुकान में कोई अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।