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हत्या के दोषी को आजीवन कैद, 15 हजार का जुर्माना

Thu, 10 Jan 2019 09:43 PM IST
rajeshwar  gautam rajeshwar gautam
Updated Thu, 10 Jan 2019 09:43 PM IST
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हत्या के दोषी को आजीवन कैद, 15 हजार का जुर्माना
चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय - फोटो : file photo
नाहन (सिरमौर)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीके शर्मा की अदालत ने हत्या के एक दोषी रोहित अत्री को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने दोषी को 10 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की भी सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। वहीं, अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 201 के तहत दोषी को दो साल और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा भी सुनाई है। जुर्माना न देने की सूरत में दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
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मामले की पैरवी सरकार की तरफ से जिला न्यायवादी एमके शर्मा ने की। जानकारी के अनुसार मतलूब पुत्र अयूब निवासी बुद्घखेड़ा, चिकलाना, जिला सहारनपुर (उत्तरप्रदेश) सोलन और राजगढ़ इलाके में सेब-आडू आदि के बगीचों के ठेके लेता था। 22 जुलाई 2015 को मतलूब सोलन निवासी अमर सिंह पुत्र नारायण सिंह से मिलकर राजगढ़ के लिए रवाना हुआ था। उधर, 31 जुलाई को मतलूब के भाई ने पुलिस थाना राजगढ़ में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने जब तफ्तीश शुरू की तो मतलूब की मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि मतलूब की 22 जुलाई को मोबाइल पर अंतिम बात किरण नाम की महिला से हुई थी। गुमशुदगी के मामले में मतलूब की तलाश के दौरान नौ अगस्त को द्राबला गांव के समीप पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से आरोपी के घर से एक किलोमीटर दूरी पर एक घासनी में एक कंबल बरामद किया। इसी जगह कुछ झाड़ियां कटी हुई थीं, जहां से बदबू आ रही थी। झाड़ियों को हटाने के बाद जब गड्ढा खोदा गया तो वहां से मतलूब का नग्न अवस्था में शव बरामद हुआ। आरोपियों के कपड़े भी शव पर बरामद हुए। शव की पहचान मृतक महबूब के भाई ने उसके कपड़ों से की। इस मामले में शव का पोस्टमार्टम फोरेंसिक एक्सपर्ट द्वारा आईजीएमसी शिमला में किया गया था। मामले में किरण उसके पति करण सिंह और पुत्र रोहित ने अपना अपराध कबूल किया। जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया। इस मामले में कुल 15 गवाह पेश हुए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पर्याप्त सबूत न होने के कारण आरोपी किरण और करण सिंह को कोर्ट से बरी कर दिया गया। जबकि, बेटे रोहित अत्री को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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