{"_id":"695fc2c56331e0af8706ce74","slug":"50-lakh-demanded-for-the-family-of-the-deceased-anganwadi-worker-nahan-news-c-177-1-ssml1028-169113-2026-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: मृतक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के परिजनों के लिए मांगे 50 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: मृतक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के परिजनों के लिए मांगे 50 लाख
विज्ञापन
सीडीपीओ कार्यालय नाहन में अधिकारी को ज्ञापन देती आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं। संवाद
आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्राेजेक्ट स्तर पर सौंपे ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेसी
नाहन/सराहां/शिलाई/रोनहाट(सिरमौर)। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन (सीटू) ने मंडी जिले के टारना वृत्त में पल्स पोलियो अभियान की ड्यूटी के दौरान गिरने से हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की मौत के मामले में परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। इस मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने परियोजना स्तर पर बाल विकास परियोजना अधिकारियों को प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन (सीटू) की जिला अध्यक्ष श्यामा, महासचिव वीना, पांवटा परियोजना की अध्यक्ष इंदु तोमर, महासचिव देव कुमारी, सराहां परियोजना की अध्यक्ष वंदना और नाहन परियोजना की अध्यक्ष सुमन सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बेहद कम मानदेय पर पल्स पोलियो, बीएलओ ड्यूटी, फेस ट्रैकिंग, हाउस-टू-हाउस सर्वे जैसे जोखिमपूर्ण और बहु-विभागीय कार्य कराए जाते हैं, लेकिन दुर्घटना या मृत्यु होने पर सरकार जिम्मेदारी लेने से बचती है।
उन्होंने कहा कि इससे पहले कुल्लू के सैंज क्षेत्र और जून 2024 में चंबा जिले में बैठक में जाते समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरला और श्रेष्ठा की मौतें भी इसी लापरवाह व्यवस्था का परिणाम हैं। यूनियन ने मांग की कि मृत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर्षा के परिजनों को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही पूर्व में ड्यूटी के दौरान मृत सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मामलों में समान मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दुर्घटना बीमा, जोखिम भत्ता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेसी
नाहन/सराहां/शिलाई/रोनहाट(सिरमौर)। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन (सीटू) ने मंडी जिले के टारना वृत्त में पल्स पोलियो अभियान की ड्यूटी के दौरान गिरने से हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की मौत के मामले में परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। इस मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने परियोजना स्तर पर बाल विकास परियोजना अधिकारियों को प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन (सीटू) की जिला अध्यक्ष श्यामा, महासचिव वीना, पांवटा परियोजना की अध्यक्ष इंदु तोमर, महासचिव देव कुमारी, सराहां परियोजना की अध्यक्ष वंदना और नाहन परियोजना की अध्यक्ष सुमन सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बेहद कम मानदेय पर पल्स पोलियो, बीएलओ ड्यूटी, फेस ट्रैकिंग, हाउस-टू-हाउस सर्वे जैसे जोखिमपूर्ण और बहु-विभागीय कार्य कराए जाते हैं, लेकिन दुर्घटना या मृत्यु होने पर सरकार जिम्मेदारी लेने से बचती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इससे पहले कुल्लू के सैंज क्षेत्र और जून 2024 में चंबा जिले में बैठक में जाते समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरला और श्रेष्ठा की मौतें भी इसी लापरवाह व्यवस्था का परिणाम हैं। यूनियन ने मांग की कि मृत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर्षा के परिजनों को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही पूर्व में ड्यूटी के दौरान मृत सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मामलों में समान मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दुर्घटना बीमा, जोखिम भत्ता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई।
विज्ञापन