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पोक्सो मामले में दोषी को 42 माह की कठोर जेल
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नाहन (सिरमौर)। विशेष न्यायाधीश सिरमौर आरके चौधरी की अदालत ने वीरवार को पोक्सो एक्ट के एक दोषी बद्रीनाथ उर्फ बद्री को 42 महीने के कठोर कारावास व पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत में मामले की पैरवी तत्कालीन जिला न्यायावादी एमके शर्मा व जिला न्यायवादी बीएन शांडिल ने की। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि विशेष न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को धारा आठ पोक्सो एक्ट में दोषी करार दिया है।
पोक्सो एक्ट में जुर्माना न अदा करने की सूरत में दोषी को एक महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही दोषी को आईपीसी की धारा 354बी के तहत तीन साल के साधारण कारावास व ढाई हजार रुपये जुर्माने की अदा करने की भी सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जिला न्यायवादी ने बताया कि यह मामला 18 जून 2018 का है। एक समाज सेविका की शिकायत पर पुलिस थाना राजगढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में समाजसेविका ने बताया था कि जब वह एक स्कूल के लिए जा रही थी तो रास्ते में उसे दो स्कूली छात्राएं मिलीं। जब वह उनसे बात कर रही थी तो उन्हें डरा व सहमा पाया। इस पर जब समाज सेविका ने उन बच्चियों से पूछा तो छात्राओं ने बताया कि उनके माता-पिता की काफी समय पहले मृत्यु हो चुकी है, जिसके बाद से वह अपने फूफा बद्रीनाथ के साथ उनके गांव में रहती थी। इसी बीच उनके फूफा बद्रीनाथ एक बच्ची के साथ गलत काम करता था। इस शिकायत पर पुलिस थाना राजगढ़ ने मामले की छानबीन करने के बाद आरोपी बद्रीनाथ के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दायर किया था। जिला न्यायवादी ने बताया कि इस मामले में विशेष अदालत सिरमौर में 18 गवाह पेश किए गए और वीरवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए उपरोक्त सजा सुनाई गई।
................हितेश
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पोक्सो एक्ट में जुर्माना न अदा करने की सूरत में दोषी को एक महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही दोषी को आईपीसी की धारा 354बी के तहत तीन साल के साधारण कारावास व ढाई हजार रुपये जुर्माने की अदा करने की भी सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जिला न्यायवादी ने बताया कि यह मामला 18 जून 2018 का है। एक समाज सेविका की शिकायत पर पुलिस थाना राजगढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में समाजसेविका ने बताया था कि जब वह एक स्कूल के लिए जा रही थी तो रास्ते में उसे दो स्कूली छात्राएं मिलीं। जब वह उनसे बात कर रही थी तो उन्हें डरा व सहमा पाया। इस पर जब समाज सेविका ने उन बच्चियों से पूछा तो छात्राओं ने बताया कि उनके माता-पिता की काफी समय पहले मृत्यु हो चुकी है, जिसके बाद से वह अपने फूफा बद्रीनाथ के साथ उनके गांव में रहती थी। इसी बीच उनके फूफा बद्रीनाथ एक बच्ची के साथ गलत काम करता था। इस शिकायत पर पुलिस थाना राजगढ़ ने मामले की छानबीन करने के बाद आरोपी बद्रीनाथ के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दायर किया था। जिला न्यायवादी ने बताया कि इस मामले में विशेष अदालत सिरमौर में 18 गवाह पेश किए गए और वीरवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए उपरोक्त सजा सुनाई गई।
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................हितेश